गोड्डा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार और सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर रविवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों में विधिक जागरुकता शिविर आयोजित किए गए। लीगल एड क्लिनिक की ओर से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में लगाए गए इन शिविरों में ग्रामीणों को नालसा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी सेवाएं) योजना-2016 के प्रावधानों की जानकारी दी गई।
इसी क्रम में पोड़ैयाहाट प्रखंड की डालसा टीम ने कस्तूरी गांव में विधिक जागरुकता शिविर लगाया। इस दौरान ग्रामीणों को वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और उन्हें उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई। अधिकार मित्र मो. हसीब और शंकर चंद्र सेन ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकारों की रक्षा करने के साथ उन्हें न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा और जरूरत के समय उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। शिविर में बताया गया कि नालसा योजना-2016 के तहत वरिष्ठ नागरिकों को उनके बुनियादी अधिकार, कानूनी सुरक्षा और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है।
शिविर में ग्रामीणों को बताया गया कि राष्ट्रीय, राज्य, जिला और तालुका स्तर पर जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिवक्ताओं की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके अलावा पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में भी सहायता की जाती है।
वरिष्ठ नागरिकों को उनके नजदीकी स्थान पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए वरिष्ठ नागरिक ट्रिब्यूनल, अपीलीय ट्रिब्यूनल और वृद्धाश्रमों में विशेष लीगल सर्विसेज क्लिनिक की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी गई।
शिविर में यह भी बताया गया कि पैरा-लीगल वॉलंटियर्स वरिष्ठ नागरिकों और विधवाओं की रुकी हुई पेंशन शुरू कराने के साथ-साथ आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और आयु प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने में भी सहयोग करते हैं।
डालसा की ओर से गोड्डा के अलावा सुंदरपहाड़ी, पथरगामा, बसंतराय, महागामा, मेहरमा, ठाकुरगंगटी और बोआरीजोर प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में भी विधिक जागरुकता शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को अपने कानूनी अधिकारों और उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक किया गया।





