गोड्डा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार और सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर बुधवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को नालसा की योजनाओं और बच्चों के लिए बाल अनुकूल कानूनी सेवाएं योजना-2024 के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
सुंदरपहाड़ी प्रखंड के लीगल एड क्लिनिक की ओर से लंगडापाथर और मानिक बथान में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को बताया गया कि प्रत्येक बच्चे को मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने का अधिकार है, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। योजना का उद्देश्य कानून के साथ संघर्ष में आए बच्चों तथा देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों को हर स्तर पर मुफ्त एवं सक्षम कानूनी सेवाएं उपलब्ध कराना है। साथ ही पुलिस, न्यायालय और कानूनी व्यवस्था में बच्चों के लिए बाल-अनुकूल और संवेदनशील वातावरण सुनिश्चित करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है।
शिविर में बताया गया कि पुलिस थानों में हिरासत या पूछताछ के दौरान बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन न हो, इसके लिए उन्हें विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष बच्चों का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए विशेष पैनल अधिवक्ताओं की नियुक्ति की जाती है। इसके अलावा बाल गृह, ऑब्जर्वेशन होम, स्पेशल होम और शेल्टर होम में रहने वाले बच्चों की कानूनी स्थिति की निगरानी भी की जाती है।
विधिक टीम ने बताया कि बाल कल्याण समितियों के समक्ष अनाथ, लापता या शोषित बच्चों को सुरक्षा और पुनर्वास दिलाने में भी कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों और उनके अभिभावकों को भी उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है। इसी क्रम में गोड्डा, पोड़ैयाहाट, बसंतराय, पथरगामा, महागामा, बोआरीजोर, ठाकुरगंगटी और मेहरमा प्रखंड क्षेत्रों में भी विधिक जागरूकता शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को कानून और बच्चों के अधिकारों से संबंधित जानकारी दी गई।




