अमदाबाद। कटिहार जिले के अमदाबाद प्रखंड अंतर्गत बैदा पंचायत स्थित नया प्राथमिक विद्यालय भरतकोल में चारदीवारी नहीं होने से छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। विद्यालय परिसर में चारदीवारी नहीं रहने के कारण प्रधानाध्यापक को भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विद्यालय की ओर से विभाग से चारदीवारी निर्माण के साथ-साथ जर्जर रसोईघर के पुनर्निर्माण और पेयजल की बेहतर व्यवस्था कराने की मांग की गई है।
विद्यालय में छात्र-छात्राएं नियमित रूप से स्कूल ड्रेस में पहुंचते हैं और अनुशासन के साथ पठन-पाठन करते हैं। प्रधानाध्यापक मो. हेफाजूद्दीन विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने के साथ-साथ शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। वह शिक्षकों और अभिभावकों के साथ समय-समय पर बैठक एवं गोष्ठी आयोजित कर विद्यालय के संचालन और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य को लेकर चर्चा करते हैं। मो. हेफाजूद्दीन वर्ष 2011 में शिक्षक बने और वर्ष 2012 से प्रभारी प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
प्रधानाध्यापक के अनुसार विद्यालय में वर्तमान में 298 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। विद्यालय के पास छह डिसमिल जमीन है, जिस पर तीन कमरों का भवन बना हुआ है। स्कूल में दो शौचालय और पेयजल के लिए एक चापाकल उपलब्ध है। विद्यालय एवं कार्यालय संचालन के लिए फर्नीचर, टेबल, कुर्सी, बेंच-डेस्क, बुक सेफ, अलमारी, स्पीकर सेट, खेल सामग्री, टीएलएम सहित अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। बिजली कनेक्शन के साथ सभी कमरों में पंखे और लाइट की व्यवस्था भी है। विद्यार्थियों को एफएलएन किट, पाठ्य पुस्तक और कार्य पुस्तिका का वितरण किया गया है। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बच्चों को मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण मध्याह्न भोजन भी उपलब्ध कराया जाता है।
प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में मोटर, नल, पानी की टंकी, चार मुख्य दरवाजे और तीन कमरों के सौंदर्यीकरण के साथ टाइल्स लगाने का काम कराया गया है। छात्र-छात्राओं के बैठने के लिए बेंच-डेस्क, खेल सामग्री और म्यूजिक वाद्य यंत्र की व्यवस्था की गई है। कमरों में महापुरुषों की तस्वीरें भी लगाई गई हैं। विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष, सचिव और अन्य सदस्य विद्यालय के संचालन एवं विकास कार्यों में सहयोग करते हैं। ग्रामीणों की ओर से भी विद्यालय के विकास में सहयोग मिलने की बात प्रधानाध्यापक ने कही।
प्रधानाध्यापक मो. हेफाजूद्दीन ने बताया कि शिक्षक सिमरन मुर्मू, शिक्षिका दीपिका लाला और शिक्षक गोपाल सिंह समय पर विद्यालय पहुंचकर निर्धारित समय-सारणी के अनुसार कक्षाओं का संचालन करते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय के बेहतर संचालन के लिए चारदीवारी, दो अतिरिक्त कमरे, कार्यालय के लिए अलग कक्ष और इनवर्टर सेट की जरूरत है। बिजली नहीं रहने पर वाई-फाई बंद हो जाता है, जिससे टैबलेट के माध्यम से विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने में शिक्षकों को परेशानी होती है।
उन्होंने विद्यालय में समरसेबल, चापाकल और रनिंग वाटर की व्यवस्था कराने की भी मांग की। साथ ही छात्र-छात्राओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ लगाने की आवश्यकता बताई। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि चारदीवारी बनने से जहां विद्यार्थियों की सुरक्षा बेहतर होगी, वहीं विद्यालय परिसर में अनुशासन और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।





