प्रवीण कुमार, कटिहार। नार्थ ईस्टर्न बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को कटिहार के पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बिना पूर्व सूचना के दो स्वर्ण व्यवसायियों को पुलिस द्वारा कथित तौर पर जबरन उठाकर ले जाने की शिकायत की। बातचीत के दौरान एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने स्तर से जांच कराने का आश्वासन दिया।
एसपी ने व्यवसायियों को आश्वस्त किया कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी। साथ ही उन्होंने स्वर्ण कारोबारियों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आभूषण बेचने आता है तो उससे अनिवार्य रूप से बिल लिया जाए। बिल उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में आभूषण बेचने वाले से सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने की सलाह दी गई, ताकि भविष्य में व्यवसायियों को किसी तरह की कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े।
चैंबर अध्यक्ष बिमल सिंह बेंगानी और महासचिव अजय सिंघानिया लाला के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को बताया कि आभूषण चोरी या बरामदगी से जुड़े मामलों में जौहरी और स्वर्णकार समुदाय के सदस्यों को पुलिस स्तर पर कथित तौर पर अनुचित कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इससे व्यवसायियों में असंतोष है। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कार्रवाई में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए जाने की मांग रखी।
ज्ञापन में बिहार पुलिस मुख्यालय के डीजीपी की ओर से 12 नवंबर 2025 को जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का भी उल्लेख किया गया। ज्ञापन के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता की धारा 317 से जुड़े आभूषण व्यापारियों के मामलों में निष्पक्ष जांच के लिए जारी SOP के बिंदु-2 में कहा गया है कि किसी स्वर्णकार से पूछताछ यथासंभव उसके कार्यस्थल पर की जानी चाहिए और बेहद आवश्यक होने तक उसे थाना आने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद कुछ दिन पहले पुलिस ने चैंबर के दो सदस्य स्वर्ण व्यवसायियों को रात करीब 2 बजे उनके घर से जबरन उठाया था। प्रतिनिधिमंडल में चैंबर के पदाधिकारियों के अलावा स्वर्ण व्यवसायियों की ओर से पवन सोनी, अशोक यादव, प्रेम नाथ प्रसाद, शिव रतन मुकीम, नन्द कुमार गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, धनंजय गायकवाड़, दिनेश साह और रंजन अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।





