पाकुड़। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में अगस्त माह की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पाकुड़, सभी पुलिस निरीक्षक, थाना एवं ओपी प्रभारी, विभिन्न शाखाओं के प्रभारी, अपर लोक अभियोजक पाकुड़ तथा जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, आगामी त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा तथा साइबर और अन्य सामाजिक अपराधों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री गणेश चतुर्थी 2026 के मूर्ति विसर्जन सहित आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को विशेष सतर्कता बरतने तथा संवेदनशील स्थानों और असामाजिक तत्वों पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया।
अगस्त माह में दर्ज और निष्पादित कांडों की समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले में कुल 94 कांड प्रतिवेदित हुए, जबकि 124 कांडों का निष्पादन किया गया। लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। साथ ही पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन करने तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित मामलों में तेजी लाने को कहा गया। लंबित वारंट एवं कुर्की के मामलों में 50 प्रतिशत निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर
जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए थाना एवं ओपी प्रभारियों तथा यातायात प्रभारी को जिला परिवहन पदाधिकारी के साथ समन्वय कर नियमित सघन वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। वाहन जांच के दौरान समय और स्थान बदल-बदलकर हेलमेट, सीट बेल्ट, वाहन पंजीकरण, बीमा सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच करने को कहा गया।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करने तथा सड़क दुर्घटना से संबंधित मामलों की प्रविष्टि ई-डार में सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने चोरी, लूट, डकैती और गृहभेदन जैसी संपत्तिमूलक घटनाओं पर रोक लगाने के लिए नियमित गश्ती और सघन जांच अभियान चलाने को कहा। पिछले पांच वर्षों में संपत्तिमूलक अपराधों में सक्रिय रहे और सिद्धदोष अपराधकर्मियों के नाम अपराध नियंत्रण अधिनियम, निगरानी पंजी एवं गुंडा पंजी में दर्ज कराने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश भी दिया गया।
महिला सुरक्षा और जागरूकता अभियान पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने थाना एवं ओपी में आने वाले शिकायतकर्ताओं और महिलाओं के साथ शालीन व्यवहार करने तथा उनकी समस्याओं को सुनकर विधि-सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सड़क सुरक्षा, डायल-112, साइबर अपराध, मानव तस्करी, नशामुक्ति, महिला अत्याचार, डायन प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं को लेकर स्कूल, कॉलेज, हाट-बाजार एवं सार्वजनिक स्थलों पर नियमित जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। महिला थाना प्रभारी को प्रत्येक सप्ताह स्कूल और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा लंबित चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन और परिवाद पत्रों का शीघ्र निष्पादन करने को कहा गया। अवैध पत्थर, कोयला और बालू के उत्खनन एवं परिवहन के खिलाफ जिला खनन टास्क फोर्स के साथ समन्वय कर नियमित छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार छापेमारी अभियान चलाने का भी निर्देश सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को दिया।




