महागामा। थाना क्षेत्र के घाट बलिया गांव में सामने आई अवैध मिनी गन फैक्ट्री के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, जांच अब केवल हथियार निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, मशीनरी, अर्द्धनिर्मित हथियारों के परिवहन और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में पवन कुमार तुरी (29), पिता हराधन मिर्धा, ग्राम घाट बलिया, थाना महागामा, प्रीतम कुमार (28), पिता स्व. किशोरी राउत, ग्राम घाट-निस्तारा, थाना पथरगामा और इन्द्रदेव रविदास (46), पिता विजय रविदास, ग्राम माल रामपुर, थाना पथरगामा शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, पवन कुमार तुरी की निशानदेही पर हथियारों के परिवहन में इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आए स्विफ्ट डिजायर वाहन को भी जब्त किया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन का इस्तेमाल हथियार निर्माण से संबंधित सामग्री, अर्द्धनिर्मित हथियार या अन्य सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किस तरह किया जाता था। इस संबंध में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।
सामाजिक संगठनों से जुड़ी पहचान भी आई सामने
छापेमारी के दौरान पवन कुमार तुरी के परिसर और वाहन से ‘प्रेस’ अंकित बोर्ड के साथ विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक पदों से संबंधित पहचान-पत्र और प्लेट बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार, पहचान-पत्र में पवन कुमार तुरी को आरटीआई एक्टिविस्ट एंड सोशल वर्कर, महागामा ब्लॉक एंटी करप्शन से संबंधित सदस्य, जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ, गोड्डा, भारतीय सूचना अधिकार रक्षा मंच और जिला अध्यक्ष, गोड्डा मानव अधिकार मिशन समेत विभिन्न पदों से संबंधित बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, पवन कुमार तुरी स्वयं को विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और पत्रकार के रूप में भी परिचित कराता रहा है। वह ईसीएल से जुड़े मामलों में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन देकर जानकारी प्राप्त करने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने वाला व्यक्ति रहा है। पुलिस इन पहचान और गतिविधियों का इस मामले से क्या संबंध है, इसकी भी जांच कर रही है।
हथियार निर्माण के नेटवर्क की जांच
अवैध मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद पुलिस हथियार निर्माण से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। पुलिस कच्चे माल की आपूर्ति, मशीनरी की उपलब्धता, हथियारों के निर्माण, परिवहन और संभावित खरीदारों या अन्य सहयोगियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एसडीपीओ के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
पूरी कार्रवाई एसडीपीओ महागामा वरुण रजक के नेतृत्व में की गई। टीम में पुलिस निरीक्षक महागामा प्रभाग उपेन्द्र कुमार महतो, महागामा थाना प्रभारी पुअनि अभिनव आनंद, हनवारा थाना प्रभारी पुअनि विकास कुमार, महागामा थाना के सअनि खालिद अहमद खान सहित महागामा थाना के सशस्त्र बल शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ अभियान के तहत यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है। मामले में अनुसंधान जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।





