गोड्डा: पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के कोड़ाडीह मैदान में आयोजित करम परबतिया महाजुटान में गोड्डा के आदिबासि कुड़मि समाज की बड़ी भागीदारी रही। सामाजिक अगुवा मानगर अजीत प्रसाद महतो के नेतृत्व में गोड्डा से बड़ी संख्या में समाज के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
महाजुटान में विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कुड़मि समाज के लोगों ने अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक पहचान के संरक्षण को लेकर एकजुटता दिखाई। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, झारखंड के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो समेत पश्चिम बंगाल के मंत्री और विधायक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान करम परब को प्रकृति, पूर्वजों, परंपरा और मिट्टी से जुड़ाव का प्रतीक बताते हुए वक्ताओं ने कुड़मालि भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने, कुड़मि समाज को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने और कुड़मि भाषा एवं संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने की मांग उठाई।
महाजुटान में बड़ी संख्या में सांस्कृतिक दलों ने पारंपरिक झूमर और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। आयोजकों ने बड़ी संख्या में सांस्कृतिक दलों की भागीदारी को लेकर इसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में प्रस्तुत किया। हालांकि, आयोजन की संख्या और किसी रिकॉर्ड संबंधी दावे की आधिकारिक पुष्टि संबंधित संस्थाओं द्वारा किया जाना बाकी है।
कार्यक्रम में आदिबासि कुड़मि समाज के केंद्रीय प्रधान प्रवक्ता दीपक महतो, जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार महतो, दीपक कुमार महतो, दशरथ महतो, सुनील महतो, हरि महतो, राकेश महतो, सोनू कुमार महतो, शिवनंदन महतो, रमेश महतो, लोकेश कुमार महतो, अखिलेश कुमार महतो, गौतम कुमार महतो, दिलीप महतो, सोनू महतो, रंजीत कुमार महतो और दिव्यांश कुमार महतो सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।
महिला अध्यक्ष प्रेमलता महतो के नेतृत्व में बबीता महतो, सोनी महतो, कलावती महतो, पानवती महतो, सत्यवती महतो, दीप्ति श्री महतो, कविता महतो, बॉबी महतो, राधा देवी, मीणा महतो और रीना देवी समेत सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। आयोजन के दौरान पारंपरिक संस्कृति, भाषा और सामाजिक एकजुटता को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया गया।





