प्रवीण कुमार, बारसोई (कटिहार): ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल बारसोई के अंतर्गत सुलभ सड़क योजना से जुड़ी जानकारी मांगने के मामले में लोक सूचना पदाधिकारी के जवाब को लेकर रौशन अग्रवाल ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इसी ग्रामीण कार्य प्रमंडल बारसोई की ओर से पूर्व में उनके अन्य RTI आवेदन पर सूचना उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन उस समय उनसे नागरिकता प्रमाण-पत्र नहीं मांगा गया था।
ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल बारसोई के लोक सूचना पदाधिकारी की ओर से जारी पत्र संख्या 136 में RTI अधिनियम की धारा 3 का हवाला देते हुए आवेदक से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि वे भारत के नागरिक हैं। इसके साथ ही प्रथम श्रेणी दंडाधिकारी से जारी शपथ-पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है, जिसमें यह बताने को कहा गया है कि आवेदक किसी समूह, संघ या फर्म में पदधारी हैं या नहीं और यदि हैं तो किस पद पर हैं।
रौशन अग्रवाल के अनुसार, वर्तमान RTI आवेदन उन्होंने लोक सूचना पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी, कटिहार के समक्ष दिया था। इसके बाद प्रभारी पदाधिकारी, जिला लोक सूचना प्रशाखा, कटिहार ने पत्रांक 309/लो०सू०, दिनांक 02 सितंबर 2026 के माध्यम से आवेदन को कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल बारसोई को अग्रसारित किया। उनका कहना है कि यदि आवेदन में किसी प्रकार की औपचारिक या तकनीकी त्रुटि थी, तो जिला लोक सूचना प्रशाखा अथवा जिला पदाधिकारी के स्तर से आवश्यक निर्देश दिए जा सकते थे।
रौशन अग्रवाल ने सवाल उठाया कि आवेदन अग्रसारित किए जाने के बाद संबंधित विभाग की ओर से नागरिकता संबंधी शपथ-पत्र और अन्य स्पष्टीकरण की मांग किस प्रावधान के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान RTI आवेदन में जिस सड़क की जानकारी मांगी गई है, उसके चयन, भूमि के उपयोग या परिवर्तन और निर्माण प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण नियमों के अनुरूप हुआ या नहीं और इससे संबंधित भू-स्वामियों को संभावित लाभ पहुंचा या नहीं, इसकी जांच आवश्यक है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि संबंधित सरकारी अभिलेखों और निष्पक्ष जांच के बाद ही हो सकती है।
RTI आवेदन में सड़क की स्वीकृति, योजना चयन, भूमि की स्थिति, DPR, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, टेंडर, कार्यादेश, Measurement Book, भुगतान, गुणवत्ता जांच और Completion Certificate सहित कई अभिलेखों की जानकारी मांगी गई है। रौशन अग्रवाल ने कहा कि यदि नागरिकता प्रमाण-पत्र अथवा प्रथम श्रेणी दंडाधिकारी के शपथ-पत्र की मांग किसी विशेष नियम या वैधानिक प्रावधान के तहत की गई है, तो उसका स्पष्ट आधार बताया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने सड़क योजना, भूमि उपयोग या परिवर्तन, चयन और निर्माण प्रक्रिया से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की है।





