कटिहार। रेल यात्रियों और रेलकर्मियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे लगातार जल गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में एनएफआर के प्रधान मुख्य चिकित्सा निदेशक ने पांडु स्थित जल प्रशोधन संयंत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान संयंत्र के संचालन, जल प्रशोधन प्रक्रिया और पानी की गुणवत्ता की विस्तृत जानकारी ली गई।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जल प्रशोधन और गुणवत्ता निगरानी की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करना तथा यात्रियों और रेलकर्मियों के लिए सुरक्षित पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान पानी की स्वच्छता, अवशिष्ट क्लोरीन समेत अन्य प्रमुख मानकों की जांच की गई।
जांच के दौरान शुद्ध किए गए पानी में अवशिष्ट क्लोरीन का स्तर 2 पीपीएम दर्ज किया गया। रेलवे के अनुसार पानी की गुणवत्ता से जुड़े जांचे गए प्रमुख मानक संतोषजनक पाए गए। संबंधित अधिकारियों को जल प्रशोधन संयंत्र के नियमित रखरखाव और पानी की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए, ताकि शुद्ध पेयजल की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहे।
निरीक्षण के दौरान मालीगांव और पांडु के चिकित्सा, इंजीनियरिंग एवं स्वास्थ्य विभागों के प्रमुख अधिकारी भी मौजूद रहे। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने कहा कि यात्रियों और कर्मचारियों को सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना रेलवे प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।





