भागलपुर: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR रद्द करने समेत अन्य मांगों को लेकर भागलपुर स्टेशन चौक पर नागरिकों ने प्रतिवाद प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सामाजिक न्याय आंदोलन (बिहार) और बिहार फुले-अंबेडकर युवा मंच के संयुक्त आह्वान पर आयोजित किया गया। प्रदर्शन में शहर के बुद्धिजीवियों, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं, छात्र और युवाओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां जताईं और इसे वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सरकार का चुनाव करते हैं, सरकार को मतदाताओं का चुनाव करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। कुछ वक्ताओं ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग मोदी सरकार के प्रभाव में काम कर रहा है और ज्ञानेश कुमार भाजपा के एजेंट की भूमिका निभा रहे हैं। ये आरोप प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए, जबकि निर्वाचन आयोग स्वयं को चुनाव प्रक्रिया संचालित करने वाली स्वायत्त संवैधानिक संस्था बताता है।
नागरिक प्रतिवाद में डॉ. चंद्रेश, डॉ. योगेंद्र, डॉ. उपेंद्र साह, डॉ. उदय मिश्रा, भाकपा-माले के महेश यादव, गौरीशंकर, सामाजिक न्याय आंदोलन (बिहार) के रामानंद पासवान, अर्जुन शर्मा, नवल किशोर गौतम, अभय, योगेंद्र यादव, दिलीप कुमार, बिहार फुले-अंबेडकर युवा मंच के बीरेंद्र गौतम, किशोर चौधरी, लालविहारी लाल, विश्वनाथ दास, अरुण, अशोक, पुरुषोत्तम कुमार गौतम, बहुजन स्टूडेंट्स यूनियन (बिहार) के अनीश आनंद, अनुपम, राजीव रंजन, गुलशन और सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष कुमार प्रसाद समेत कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद सामाजिक न्याय आंदोलन (बिहार) की ओर से रामानंद पासवान ने इसकी जानकारी जारी की।





