नगर पंचायत अध्यक्ष प्रबोध सोरेन के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन, अंचल अधिकारी की मौजूदगी में वार्ता के बाद हटाया गया जाम
महागामा संवाददाता: महागामा नगर पंचायत क्षेत्र की जर्जर सड़कों और लंबे समय से बनी आवागमन की समस्या को लेकर शुक्रवार को लोगों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। सड़क की खराब स्थिति के विरोध में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रबोध सोरेन के नेतृत्व में लोगों ने ईसीएल मार्ग को करीब तीन घंटे तक जाम रखा। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह प्रभावित रहा।
प्रदर्शन के दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष प्रबोध सोरेन ने कहा कि महागामा क्षेत्र की कई प्रमुख सड़कें लंबे समय से बदहाल हैं। जगह-जगह बने बड़े गड्ढों के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के बाद स्थिति और खराब हो गई है। इन सड़कों से रोजाना स्कूली बच्चे, मरीज, कर्मचारी, व्यवसायी और आम लोग आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत कर स्थायी समाधान की मांग की।
सड़क जाम के दौरान ईसीएल कर्मी प्रणव कुमार झा के साथ बातचीत के दौरान स्थिति कुछ समय के लिए तीखी हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर महागामा अंचल अधिकारी खगेन महतो मौके पर पहुंचे। इस दौरान नगर पंचायत उपाध्यक्ष नीलेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। अंचल अधिकारी की मौजूदगी में नगर पंचायत प्रतिनिधियों, ईसीएल पक्ष और स्थानीय लोगों के बीच सड़क की समस्या को लेकर वार्ता हुई।
वार्ता के दौरान लोगों ने सड़क की बदहाल स्थिति का स्थायी समाधान करने और संबंधित विभाग की ओर से मरम्मत की दिशा में ठोस पहल करने की मांग रखी। अधिकारियों ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए समाधान की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही। इसके बाद लोगों ने जाम समाप्त कर दिया और करीब तीन घंटे बाद ईसीएल मार्ग पर वाहनों का आवागमन सामान्य हो सका।
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रबोध सोरेन ने कहा कि सड़क की समस्या किसी एक व्यक्ति या मोहल्ले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लोग इससे प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि जनता को बेहतर सड़क और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलनी चाहिए। यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो जनता की समस्याओं को लेकर आगे भी आवाज उठाई जाएगी। नगर पंचायत उपाध्यक्ष नीलेश सिंह ने भी कहा कि जनता की समस्याओं को संबंधित विभाग तक पहुंचाना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है और सड़क सुधार के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक पहल की जानी चाहिए।




