भागलपुर: मजदूरों के निबंधन और सामाजिक सुरक्षा में कथित धांधली, भ्रष्टाचार और श्रम विभाग के अधिकारियों की मनमानी के विरोध में गुरुवार को भागलपुर में सैकड़ों महिला और पुरुष निर्माण मजदूरों ने प्रदर्शन किया। बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन (ऐक्टू) के राज्यव्यापी आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में मजदूरों ने निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड में श्रमिक प्रतिनिधियों को सदस्य बनाने और मजदूरों से जुड़े सभी निर्णय बोर्ड में लेने की मांग उठाई। प्रदर्शन की शुरुआत स्टेशन चौक से हुई। इसके बाद जुलूस मुख्य बाजार, खलीफाबाग चौक और घंटाघर होते हुए उपश्रमायुक्त कार्यालय पहुंचा।
प्रदर्शन का नेतृत्व AICWF के राष्ट्रीय महासचिव एवं ऐक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसके शर्मा और ऐक्टू व बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के राज्य सचिव मुकेश मुक्त ने किया। श्रम कार्यालय परिसर में मजदूरों को संबोधित करते हुए एसके शर्मा ने कहा कि निर्माण मजदूरों के कल्याण बोर्ड में लंबे समय से मजदूर प्रतिनिधियों की भागीदारी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों की वास्तविक समस्याओं को ध्यान में रखे बिना श्रम विभाग के अधिकारी मनमाने फैसले ले रहे हैं। उनके मुताबिक, निबंधन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े नियमों में एकतरफा बदलाव के कारण मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि कल्याण बोर्ड में मजदूर प्रतिनिधियों को सदस्य बनाया जाए और मजदूरों से संबंधित फैसले बोर्ड के माध्यम से लिए जाएं।
वहीं, मुकेश मुक्त ने आरोप लगाया कि सामाजिक सुरक्षा के आवेदनों की जांच, मजदूरों के निबंधन और ऑनलाइन पोर्टल से जुड़ी प्रक्रियाओं में श्रमिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कई मजदूरों को निबंधन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ पाने के लिए महीनों तक श्रम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। प्रदर्शन के बाद मुकेश मुक्त के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपश्रमायुक्त के माध्यम से बिहार के श्रम मंत्री और बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में ऐक्टू के जिला संयुक्त सचिव अमर कुमार, अमित गुप्ता, सकलदेव प्रसाद सिंह, सिकन्दर तांती, बंदना देवी, सोनी देवी, मोनी देवी समेत सैकड़ों मजदूर शामिल हुए।





