पाकुड़: नगर परिषद क्षेत्र में दो करोड़ रुपये की सड़क योजनाओं के चयन को लेकर सोमवार को विवाद गहरा गया। योजना चयन में पक्षपात और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कई पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय के समीप धरना-प्रदर्शन किया और अध्यक्ष शबरी पाल व उपाध्यक्ष राणा ओझा का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारी पार्षदों ने उपायुक्त को चार सूत्री मांग पत्र सौंपकर योजनाओं की जांच और दोबारा चयन की मांग की। वहीं, दूसरी ओर योजनाओं से लाभान्वित पार्षदों ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के समर्थन में पटाखे फोड़कर खुशी जताई और विरोध कर रहे पार्षदों के आरोपों को खारिज किया। इस घटनाक्रम के बाद नगर परिषद में दो करोड़ रुपये की योजनाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए।
धरना दे रहे पार्षद रुपाली सरकार, असलम अंसारी, किरण लाल कापरी, भीम सिंह, मिथुन मरांडी, उज्ज्वल हाड़ी और आलमगीर अंसारी ने आरोप लगाया कि नगर परिषद के सभी 21 वार्डों के विकास के लिए निर्धारित राशि की योजनाओं के चयन में पक्षपात किया गया है। उनका दावा है कि स्थायी समिति से संबंधित 11 वार्डों की योजनाओं को प्राथमिकता दी गई, जबकि अन्य वार्डों को अपेक्षित योजनाओं से वंचित रखा गया। पार्षदों ने सवाल उठाया कि योजनाओं का चयन नगर परिषद बोर्ड की प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों का पालन किए बिना योजनाएं चुनी गईं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है।
प्रदर्शनकारी पार्षदों ने उपायुक्त को सौंपे चार सूत्री मांग पत्र में विभागीय मंतव्य मिलने तक दो करोड़ रुपये की सड़क योजनाओं से संबंधित एकरारनामा, कार्यादेश और अन्य अग्रिम कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। इसके साथ ही 11 वार्डों की योजनाओं की वैधता और नियमसम्मतता की जांच कराने, अनियमितता पाए जाने पर संबंधित निविदाएं रद्द कर सभी 21 वार्डों के लिए नियमानुसार दोबारा योजना चयन करने तथा पूरी प्रक्रिया में सभी वार्डों को समान अवसर देने की मांग की गई। पार्षदों ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर वे झारखंड उच्च न्यायालय का रुख करेंगे। उन्होंने विकास योजनाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की।
दूसरी ओर, पार्षद अनिकेत गोस्वामी, तनु दास, पूनम देवी, बिमल राउत और रियाज अंसारी सहित अन्य पार्षदों ने अध्यक्ष शबरी पाल और उपाध्यक्ष राणा ओझा के समर्थन में पटाखे फोड़े। समर्थक पार्षदों का कहना है कि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष नगर परिषद के सभी वार्डों में विकास कार्य कराने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने विरोध कर रहे पार्षदों के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रदर्शन से विकास कार्यों को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा होती है। फिलहाल, दोनों पक्षों के दावे आमने-सामने हैं। योजना चयन की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप हुई या नहीं, यह संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।



