रांची। राजधानी के नामकुम थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से बंद घरों को निशाना बनाने वाले शातिर चोर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर गठित SIT ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी के तीन बड़े मामलों का खुलासा किया और गिरोह के मुख्य सरगना सहित चोरी के गहने खपाने वाले स्वर्ण व्यवसायी को गिरफ्तार कर लिया है।
दिनदहाड़े रेकी कर देते थे घटना को अंजाम
पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित गिरोह है जो मुहल्लों में घूम-घूमकर बंद घरों की पहचान करता था। गिरोह के सदस्य मौका मिलते ही दिन के उजाले में भी ताला तोड़कर ज्वेलरी और नकदी साफ कर देते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फिरदोस अली (19 वर्ष, नामकुम) और दिलीप सोनी (37 वर्ष, लालपुर) के रूप में हुई है।
चोरी के जेवर गलाकर बनाता था नए आभूषण
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गिरोह का सदस्य फिरदोस अली चोरी किए गए जेवर कांटाटोली स्थित ‘मों ज्वेलर्स’ के मालिक दिलीप सोनी को सस्ते दामों पर बेच देता था। दिलीप सोनी पुलिस से बचने के लिए तुरंत उन जेवरों को गला देता था और उस सोने-चांदी का उपयोग नए आभूषण बनाने में करता था। दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी जेल जा चुके हैं।
भारी मात्रा में सोना-चांदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- सोना : सोना गलाया हुआ (पत्तर और क्वायल),अंगूठी (14 पीस),मंगलसूत्र लॉकेट,नथिया, कान की बाली और टॉप्स सहित भारी मात्रा में स्वर्ण आभूषण (कुल वजन लगभग 100 ग्राम के करीब)।
- चांदी: पायल और अंगूठी सहित करीब 33.5 ग्राम चांदी के आभूषण।
- अन्य: एक रजिस्टर (जिस पर आर्यन चबक लिखा है), ओप्पो कंपनी का मोबाइल और अन्य संदिग्ध दस्तावेज।
टीम में शामिल पदाधिकारी
इस सफल उद्भेदन में वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) अमर कुमार पाण्डेय, नामकुम थाना प्रभारी मनोज कुमार, पु.अ.नि. शशि रंजन, गौतम कुमार, सोनू कुमार दास और नामकुम थाने के सशस्त्र बल शामिल थे।
नोट: पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों को भी चिन्हित कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।





