भागलपुर: अकबरनगर के लोगों को जल्द ही निर्बाध बिजली आपूर्ति की सौगात मिल सकती है। नगर पंचायत अध्यक्ष किरण देवी की पहल पर अकबरनगर में प्रस्तावित विद्युत शक्ति उपकेंद्र (पावर सब-स्टेशन) के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर भूमि हस्तांतरण और अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, भागलपुर (शहरी) के कार्यपालक अभियंता ने सुल्तानगंज के अंचलाधिकारी को पत्र भेजकर चिन्हित सरकारी भूमि का एनओसी उपलब्ध कराने तथा भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई जल्द पूरी करने का अनुरोध किया है। विभाग ने मुख्य सड़क से सटी 60 मीटर × 40 मीटर भूमि को साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL), पटना के नाम हस्तांतरित करने की मांग की है।
किरण देवी की पहल से मिली परियोजना को गति
जानकारी के अनुसार, अकबरनगर में कई वर्षों से विद्युत शक्ति उपकेंद्र के लिए उपयुक्त सरकारी भूमि की तलाश की जा रही थी। नगर पंचायत अध्यक्ष किरण देवी की पहल पर शिव मंदिर चौक के समीप सरकारी भूमि चिन्हित की गई। जांच के बाद इस भूमि को उपकेंद्र निर्माण के लिए उपयुक्त पाया गया।
किरण देवी ने पत्रांक 471/26 के माध्यम से विद्युत अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर इस भूमि पर विद्युत शक्ति उपकेंद्र स्थापित करने की मांग की थी। वर्तमान सर्वे खतियान के अनुसार यह भूमि लोक निर्माण विभाग (PWD) के नाम दर्ज है, जिसे अब SBPDCL के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बारिश और बाढ़ में होती है सबसे अधिक परेशानी
फिलहाल अकबरनगर क्षेत्र को सुल्तानगंज और भुवालपुर ग्रिड से बिजली आपूर्ति की जाती है। बारिश और बाढ़ के दौरान इन दोनों क्षेत्रों का विद्युत ढांचा लंबे समय तक जलमग्न रहने से बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होती है। इसका असर अकबरनगर सहित आसपास के हजारों उपभोक्ताओं पर पड़ता है।
उपकेंद्र बनने से होंगे कई बड़े फायदे
स्थानीय स्तर पर विद्युत शक्ति उपकेंद्र बनने के बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और निर्बाध होगी। फॉल्ट आने पर मरम्मत में कम समय लगेगा, लो-वोल्टेज की समस्या कम होगी और नए उपभोक्ताओं को भी बेहतर बिजली सुविधा मिल सकेगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र में उद्योग, व्यापार और शिक्षा जैसी गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।





