
बिहार के पथ निर्माण मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने केंद्र सरकार की अर्बन डी-कंजेशन नीति का स्वागत करते हुए इसे यातायात सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि रिंग रोड, बाइपास, एलिवेटेड कॉरिडोर और एक्सेस कंट्रोल हाईवे जैसी परियोजनाएं शहरी जाम कम करेंगी। इससे आवागमन सुगम होगा, ईंधन की बचत होगी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। बिहार में कई सड़क परियोजनाएं इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
यातायात सुधार की दिशा में केंद्र की नई पहल
बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री इं. कुमार शैलेंद्र ने केंद्र सरकार की अर्बन डी-कंजेशन नीति का स्वागत करते हुए इसे देश की यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नीति शहरी क्षेत्रों में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
रिंग रोड और बाइपास परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा
पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण देश के अधिकांश शहरों में ट्रैफिक जाम एक बड़ी चुनौती बन चुका है। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने रिंग रोड, बाइपास, एलिवेटेड कॉरिडोर और एक्सेस कंट्रोल हाईवे जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहरों के भीतर यातायात का दबाव कम होगा और लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे।
जाम से राहत के साथ ईंधन की होगी बचत
इं. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि अर्बन डी-कंजेशन नीति केवल यातायात सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा। ट्रैफिक जाम कम होने से वाहनों का समय बचेगा, ईंधन की खपत घटेगी और प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी। इससे आम लोगों को यात्रा के दौरान होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी।
बिहार में कई परियोजनाएं पहले से जारी
मंत्री ने कहा कि बिहार भी इस दूरदर्शी सोच का हिस्सा है। राज्य में पटना रिंग रोड, जेपी गंगा पथ, राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण और नए बाइपास निर्माण जैसी कई परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक कंजेशन को कम करना और लोगों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।
खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन परियोजना को बताया महत्वपूर्ण
उन्होंने हाल ही में स्वीकृत खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन परियोजना को सीमांचल क्षेत्र के विकास के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। मंत्री के अनुसार यह परियोजना क्षेत्र की आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक प्रगति को नई दिशा देगी। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, परिवहन और निवेश गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
पटना में ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर हुआ निरीक्षण
इं. कुमार शैलेंद्र ने बताया कि पिछले महीने पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा पटना की प्रमुख सड़कों और फ्लाईओवरों का निरीक्षण किया गया था। इसका उद्देश्य ट्रैफिक जाम की समस्या का अध्ययन करना और स्थायी समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाना था। विभाग लगातार उन स्थानों की पहचान कर रहा है जहां अतिरिक्त अवसंरचना की जरूरत है।
सड़क अवसंरचना में हुआ अभूतपूर्व विकास
मंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में देश में सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, एक्सप्रेस-वे निर्माण और आधुनिक सड़क नेटवर्क का विकास भारत की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार बना है। अर्बन डी-कंजेशन नीति इसी विकास यात्रा का अगला चरण है, जो शहरों को विश्वस्तरीय परिवहन सुविधाओं से जोड़ने का कार्य करेगी।
आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी नई गति
पथ निर्माण मंत्री ने विश्वास जताया कि इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार सहित पूरे देश में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, पर्यटन, उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही आम नागरिकों को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक यात्रा का लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह नीति देश के शहरी विकास और परिवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगी।





