मेहरमा। भाजपा के पूर्व गोड्डा जिलाध्यक्ष सह प्रदेश परिषद सदस्य संजीव मिश्रा ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस कर एसआईआर को लेकर राज्य के सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान फार्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जोड़ने तथा फार्म-7 के माध्यम से आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत है। इसका किसी राजनीतिक संगठन से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद कई स्थानों पर भाजपा के बीएलए को डराने-धमकाने का प्रयास किए जाने का उन्होंने आरोप लगाया।
संजीव मिश्रा ने कहा कि महागामा विधानसभा क्षेत्र के कसबा स्थित बूथ संख्या 46 पर तनीसा खातून, माता बीबी आमंबिया, नजिया खातून पति मो. फिरोज तथा तमन्ना खातून पति नाजिर के नाम को लेकर आपत्ति है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित लोगों के माता-पिता अथवा परिवार के अन्य सदस्यों का वर्ष 2003 की बूथ संख्या 46 की मतदाता सूची में नाम नहीं है। उन्होंने इन मामलों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की। संजीव मिश्रा ने कहा कि वह स्वयं भाजपा के बीएलए के साथ बूथ संख्या 46 पर पहुंचकर आपत्ति दर्ज कराएंगे।
उन्होंने गोड्डा विधानसभा क्षेत्र के बसंतराय प्रखंड अंतर्गत पचरूखी में एसआईआर के दौरान आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे भाजपा बीएलए-2 के साथ कथित तौर पर विरोध किए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के बीएलए के साथ कई मतदाताओं की आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे लोगों का सत्ताधारी दल के बीएलए एवं समर्थकों द्वारा विरोध किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मॉब लिंचिंग जैसा घेरने का प्रयास किया गया।
पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने सत्ताधारी दल के लोगों से भाजपा के बीएलए को डराने-धमकाने से बाज आने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि भाजपा कार्यकर्ताओं को दबाने का प्रयास किया गया तो पार्टी भी लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध करेगी। उन्होंने निर्वाचन आयोग से एसआईआर के दौरान सामने आ रही आपत्तियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। मौके पर मंडल अध्यक्ष उमेश पासवान, भाजपा नेता राजेश लाल एवं प्रवीण भारती मौजूद थे।





