प्रवीण कुमार, कटिहार। बिहार के कटिहार जिले के कदवा प्रखंड अंतर्गत भोगांव पंचायत ग्रामीण विकास और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जानी जाती है। इस पंचायत का प्रशासन पंचायती राज व्यवस्था के तहत संचालित होता है। पंचायत में स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं को लागू करने और ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। स्थानीय स्तर पर सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर लगातार प्रयास किए जाने की बात कही जाती है।
पंचायत में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
भोगांव पंचायत में एक अस्पताल, एक डाकघर, पंचायत कार्यालय, एक उच्च विद्यालय और कई मध्य एवं प्राथमिक विद्यालय हैं। इसके अलावा पंचायत में जनवितरण प्रणाली की दुकानें और आंगनबाड़ी केंद्र भी हैं। ग्रामीणों की जरूरतों को पूरा करने में इन संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। पंचायत का क्षेत्र कृषि पर निर्भर है और महानंदा तथा उसकी सहायक नदियों के कारण यहां बाढ़ की चुनौती भी बनी रहती है। ऐसे में ग्रामीण विकास के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं को बनाए रखना भी अहम माना जाता है। छठ पूजा सहित अन्य स्थानीय पर्व यहां सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करते हैं।
26 वर्षों से पंचायत की सेवा का दावा
स्थानीय जानकारी के अनुसार, भगत परिवार के शिव शंकर भगत लंबे समय से पंचायत की राजनीति और जनसेवा से जुड़े रहे हैं। खबर में उनके 26 वर्षों तक मुखिया के रूप में सेवा करने का उल्लेख किया गया है। वर्तमान में उनकी पत्नी राजकुमारी देवी पंचायत की मुखिया हैं, जबकि शिव शंकर भगत पैक्स अध्यक्ष हैं। दोनों ग्रामीणों के सुख-दुख में साथ खड़े रहने और पंचायत के विकास को प्राथमिकता देने की बात कहते हैं। उनके अनुसार, पंचायत के लोगों को सम्मान देना और सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा है।
शांति और सौहार्द बनाए रखने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका
भोगांव पंचायत में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और ग्रामीणों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाता है। स्थानीय दावे के अनुसार, पंचायत में विवादों को आपसी बातचीत से सुलझाने के प्रयास किए जाते हैं, जिसके कारण थाने तक पहुंचने वाले मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। पंचायत प्रतिनिधि विधि-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग देने की बात भी कहते हैं। हालांकि, अन्य पंचायतों की तुलना में दर्ज मामलों की संख्या कम होने के दावे की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध आंकड़ों से की जानी चाहिए।
जनता की सेवा को प्राथमिकता बताते हैं प्रतिनिधि
मुखिया राजकुमारी देवी और पैक्स अध्यक्ष शिव शंकर भगत का कहना है कि जनता की सेवा करना उनका पहला कर्तव्य है। वे ग्रामीणों के सुख-दुख में साथ रहने और पंचायत का सर्वांगीण विकास करने को अपनी प्राथमिकता बताते हैं। उनके अनुसार, पंचायत के गांवों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वच्छता, विद्यालय, जनवितरण प्रणाली की दुकान और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जहां सुविधाओं की कमी है, वहां उन्हें उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात कही गई है।





