प्रवीण कुमार, कटिहार: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कटिहार के तत्वावधान में कदवा प्रखंड सभागार में प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से राजीनामा योग्य यानी समझौता योग्य मामलों का त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण तरीके से निष्पादन कराने के लिए आम लोगों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम का मंच संचालन प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी मो. हाशिम ने किया। उन्होंने उपस्थित लोगों से राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने और समझौता योग्य मामलों का आपसी सहमति से निपटारा कराने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान पैनल अधिवक्ता अमित सिंह, दिनेश पासवान एवं ललित झा ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में शमनीय प्रकृति के वादों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि न्यायालय या ग्राम कचहरी में लंबित समझौता योग्य मामलों को ठोस सुलह प्रस्ताव के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत की न्याय पीठ के समक्ष प्रस्तुत कर आपसी समझौते के आधार पर निष्पादित कराया जा सकता है। इसके लिए पंचायत स्तर पर आम लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।
इसके बाद उप मुख्य न्याय रक्षक देव कुमार झा ने राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। मुख्य न्याय रक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत विवादों के त्वरित, सरल और निःशुल्क समाधान का प्रभावी माध्यम है। इसमें आपसी सहमति से मामलों का निपटारा किया जाता है। इससे समय और धन की बचत होती है तथा न्यायालयों का बोझ भी कम होता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कमलेश सिंह देऊ ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों को बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित एवं प्री-लिटिगेशन वादों के शीघ्र और सौहार्दपूर्ण निष्पादन के लिए प्रभावी जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को लोक अदालत की प्रक्रिया, लाभ और महत्व की जानकारी दी जानी चाहिए।
उन्होंने विधिक जागरूकता शिविर, ग्राम सभाओं, रैली, पोस्टर, पंपलेट, बैनर और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामलों का निपटारा आपसी सहमति से सरल, त्वरित और निःशुल्क तरीके से किया जाता है। लोक अदालत का निर्णय व्यवहार न्यायालय की डिग्री के समान मान्य होता है।
उन्होंने संबंधित पक्षकारों को अपने वादों के निपटारे के लिए आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, न्यायिक पदाधिकारियों, पारा विधिक स्वयंसेवकों, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों, प्रमुख, मुखिया, सरपंच, उप सरपंच, प्रदीप कुमार सिंह, पीएलवी, ग्राम कचहरी के न्याय मित्र एवं सचिवों सहित बड़ी संख्या में आम लोगों की सहभागिता रही।





