करके सीखने की अनूठी पहल: आजमनगर के शिक्षक विप्लव कुमार विज्ञान और गणित को बना रहे रोचक

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कटिहार/आजमनगर: आजमनगर प्रखंड के मध्य विद्यालय अरिहाना के शिक्षक विप्लव कुमार विज्ञान एवं गणित की पढ़ाई को अनुभवात्मक शिक्षण (Learning by Doing) के माध्यम से बच्चों के लिए रोचक, सरल और प्रभावी बना रहे हैं। उनका मानना है कि यदि पढ़ाई को केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक जीवन और आसपास उपलब्ध संसाधनों से जोड़कर कराया जाए, तो बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।

विज्ञान की कक्षाओं में विप्लव कुमार फूल, पत्तियां, नींबू, साबुन, चूना पानी तथा अन्य घरेलू वस्तुओं का उपयोग कर विद्यार्थियों को स्वयं देखकर, छूकर और प्रयोग के माध्यम से विषय समझाते हैं। इससे बच्चों को यह एहसास होता है कि विज्ञान केवल किताबों का विषय नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन का अभिन्न हिस्सा है।

वहीं गणित की पढ़ाई में लंबाई, क्षेत्रफल, परिमाप, प्रतिशत, अनुपात, भिन्न और माप जैसी अवधारणाओं को विद्यालय परिसर, खेल मैदान, बाजार, खेत और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के उदाहरणों से समझाया जाता है। इस पद्धति से बच्चे गणित को रटने के बजाय उसकी अवधारणाओं को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं और उन्हें व्यवहारिक जीवन में भी लागू कर सकते हैं।

विप्लव कुमार ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर डिजिटल माध्यम, शैक्षणिक वीडियो, एनिमेशन और इंटरैक्टिव सामग्री का भी उपयोग किया जाता है, जिससे कठिन विषय भी आसानी से समझ में आ जाते हैं। उनका कहना है कि “जब बच्चे स्वयं प्रयोग करके सीखते हैं, तब उनमें वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता, समस्या समाधान कौशल और आत्मविश्वास का विकास होता है।”

उन्होंने कहा कि यह अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक और जीवनोपयोगी शिक्षा प्रदान करना है।

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Author: kelanchaltimes

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