पाकुड़। व्यवहार न्यायालय स्थित कुटुंब न्यायालय में चल रहे एक पारिवारिक विवाद का सुखद अंत हुआ। मूल भरण-पोषण वाद संख्या 89/2026 में प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के प्रयास से पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चली आ रही दूरियां समाप्त हो गईं।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी बातचीत और सुलह-समझौते के आधार पर विवाद का समाधान कराया गया। न्यायालय की पहल और समझाइश के बाद पति-पत्नी ने एक साथ रहने तथा अपने वैवाहिक जीवन को नई शुरुआत देने पर सहमति जताई।
प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक ने दोनों पक्षों को आपसी प्रेम, विश्वास और समझदारी के साथ जीवन व्यतीत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि परिवार की खुशहाली आपसी सहयोग, सम्मान और संवाद से ही संभव है।
न्यायालय की सलाह के बाद दंपति ने एक-दूसरे का हाथ थामकर साथ रहने का संकल्प लिया। इसके बाद दोनों को प्रसन्नतापूर्वक न्यायालय से विदा किया गया।
इस अवसर पर दोनों पक्षों के अधिवक्ता, न्यायालय कर्मी तथा दोनों परिवारों के परिजन भी उपस्थित रहे। न्यायालय परिसर में इस सफल सुलह को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला।


