कुरसेला (कटिहार): कुरसेला प्रखंड के तटवर्ती क्षेत्रों में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बाढ़ से पहले सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करने के उद्देश्य से शुक्रवार को डीआरडीए के निदेशक सह कुरसेला प्रखंड के नोडल पदाधिकारी सुदामा प्रसाद ने विभिन्न तटबंधों और ठोकरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तटबंधों की स्थिति और बाढ़ से निपटने के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान नोडल पदाधिकारी ने कटरिया तटबंध, खेरिया, तीनघरिया, मधेली, 11 नंबर और 12 नंबर ठोकर सहित कई संवेदनशील स्थलों का दौरा किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तटबंधों की वर्तमान स्थिति, बाढ़ सुरक्षा व्यवस्था और गोदामों में उपलब्ध सैंड बैग के स्टॉक की जानकारी ली।
सुदामा प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तटबंधों की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए और उनकी सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने और आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान सीओ अनुपम और जल संसाधन विभाग के एसडीओ अमित कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नोडल पदाधिकारी को तटवर्ती क्षेत्रों में तटबंधों की निगरानी व्यवस्था और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी। इस दौरान आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।
कटरिया तटबंध के समीप कुछ स्थानों पर किसानों द्वारा रखे गए मकई के पुआल को भी हटाने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि तटबंधों के आसपास किसी भी तरह की ऐसी सामग्री नहीं होनी चाहिए, जिससे बाढ़ सुरक्षा और आपातकालीन कार्यों में बाधा उत्पन्न हो।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। संवेदनशील स्थलों पर विशेष नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गई हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाढ़ के दौरान तटबंधों की सुरक्षा और तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।





