कुरसेला (कटिहार)। प्रखंड क्षेत्र में गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बढ़ोतरी से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कुरसेला क्षेत्र के कई गांवों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है और प्रभावित इलाकों में आवागमन भी प्रभावित होने लगा है।
गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर के कारण उत्क्रमित मध्य विद्यालय कुरसेला गुमटी टोला और नगर पंचायत क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मैहर मियां टोला के परिसर में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। विद्यालय परिसर में पानी जमा होने के कारण छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के आवागमन के साथ पठन-पाठन भी प्रभावित हुआ। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए दोनों विद्यालयों का पठन-पाठन तत्काल आसपास के दूसरे विद्यालयों में शिफ्ट कर दिया गया है।
पिछले दो दिनों से कोसी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि होने के कारण आसपास के निचले इलाकों में पानी फैल रहा है। कई जगहों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है। विद्यालय परिसर में पानी पहुंचने के बाद बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो रही थी। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। इसके बाद शिक्षा विभाग ने दोनों विद्यालयों की कक्षाएं दूसरे विद्यालयों में संचालित करने की व्यवस्था की।
कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर का असर प्रखंड के कई निचले इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। तीनघरिया, मलेनिया, मिर्जापुर मजदिया, कमलाकानी, नया टोला तीनघरिया, खेरिया बालू टोला और बगमारा समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। नगर पंचायत क्षेत्र के पत्थर टोला की सड़क पर भी पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। पैदल चलने के साथ छोटे वाहनों के परिचालन में भी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन को सुचारू रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था कराने की मांग की है। वहीं गंगा और कोसी के जलस्तर पर ग्रामीण लगातार नजर बनाए हुए हैं। नदी का पानी लगातार बढ़ने की स्थिति में निचले और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है।
इधर, गंगा पार गोबराही दीरा में बाढ़ का पानी विभिन्न टोला-मोहल्लों में तेजी से फैलने से कई परिवार पलायन करने को मजबूर हो गए हैं। बाढ़ प्रभावित लोग अपने घरों से सामान लेकर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। ग्रामीणों के सामने रहने और आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।





