
गोड्डा: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार तथा सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर झालसा के 90 दिवसीय इंटेंसिव जागरूकता अभियान के तहत गोड्डा प्रखंड की मछिया सिमरडा पंचायत के रंगमटिया, चिलौना और हरिपुर गांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में अधिकार मित्र इंतेखाब आलम और बासुदेव मणि नंदन कुमार ने ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो एक्ट, महिला सशक्तिकरण, बाल विवाह, साइबर ठगी, नशा उन्मूलन और डायन प्रताड़ना निषेध कानून के बारे में विस्तार से बताया।
वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसमें केवल दूल्हा-दुल्हन ही नहीं, बल्कि शादी कराने वाले, पंडित, मौलवी, बाराती और अन्य सहयोगियों पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक रहने की अपील की।
शिविर में महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी, पीड़ित मुआवजा योजना, मोटर दुर्घटना दावा, गिरफ्तारी के दौरान अधिकार, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन और ट्रांसजेंडर अधिकारों की भी जानकारी दी गई। साथ ही लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए बैंक खाता, एटीएम, ओटीपी और आधार जैसी गोपनीय जानकारी किसी अंजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को बताया कि छोटे-छोटे विवादों का समाधान आपसी समझौते और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के माध्यम से भी किया जा सकता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और कानूनी जागरूकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।

