
ठाकुरगंगटी (गोड्डा): लंबे इंतजार के बाद जिले में रुक-रुक कर हो रही बारिश ने किसानों के चेहरों पर उम्मीद की किरण जगाई है। हालांकि अब तक हुई बारिश धान रोपनी के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि लगातार दो से तीन घंटे अच्छी बारिश होती तो अगले ही दिन खेतों में धान रोपनी का कार्य शुरू किया जा सकता था।
कम बारिश के कारण खेतों में अभी पर्याप्त पानी नहीं भर पाया है। किसानों को उम्मीद है कि यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश होती रही तो खेत रोपनी योग्य हो जाएंगे। इस वर्ष कमजोर मानसून और लंबे समय तक पड़ी भीषण गर्मी के कारण रोहिणी, मृगशिरा और आर्द्रा नक्षत्र बीत जाने के बावजूद धान रोपनी का काम शुरू नहीं हो सका है।
लगातार तेज धूप और गर्मी के कारण कई किसानों के खेतों में तैयार धान का बिचड़ा भी सूखकर खराब हो गया है। अब पर्याप्त बारिश होने पर किसानों को दोबारा बिचड़ा तैयार करना पड़ेगा, जिसके बाद 15 से 20 दिन में ही रोपनी संभव होगी। किसानों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश होती तो वैज्ञानिक तरीके से धान की खेती शुरू हो जाती। फिलहाल सभी की नजरें मानसून की अगली अच्छी बारिश पर टिकी हैं।

