
घाटशिला: गुड़ाबांदा के कोइमा स्थित स्वर्णरेखा नदी में गोदावरी कमोडिटीज लिमिटेड को बालू उठाव का कार्य आवंटित किया गया था। एनजीटी की रोक से पहले भारी मात्रा में बालू का स्टॉक किए जाने पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि चार लाख सीएफटी से अधिक बालू का भंडारण किया गया, जबकि स्टॉक प्वाइंट पर कोई सूचना पट्ट भी नहीं लगाया गया।
8 जून 2026 को जिला खनन पदाधिकारी ने अंचलाधिकारी से भूमि की वैधानिक स्थिति, वन क्षेत्र, सड़क, सरकारी भूमि और स्टोरेज यूनिट की स्वीकृति सहित कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि रिपोर्ट आने से पहले ही बालू खनन और स्टॉकिंग किसके आदेश पर हुई।
अब पूरे मामले में खनन विभाग, अंचल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।

