भागलपुर। बिहपुर प्रखंड के मड़वा गांव में सोमवार को अंग्रेजी के प्रख्यात विद्वान, वरिष्ठ शिक्षक एवं समाजसेवी स्वर्गीय जनार्दन मिश्र की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस मौके पर उनके पैतृक आवास पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उनके तैल चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से हुई। इसके बाद मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों के साथ सैकड़ों छात्र, अभिभावक और ग्रामीण शामिल हुए।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने स्व. जनार्दन मिश्र के शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को याद किया। लोगों ने बताया कि वे करीब 35 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहे और हजारों गरीब एवं वंचित बच्चों को निःशुल्क अंग्रेजी की शिक्षा दी। शिक्षा के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। गांव में किसी के सुख-दुख में वे हमेशा आगे खड़े रहते थे।
उनके ज्येष्ठ पुत्र ललन मिश्र ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पिता का पूरा जीवन बच्चों को शिक्षा देने और उन्हें बेहतर नागरिक बनाने में बीता। स्कूल से लौटने के बाद बचा समय वे समाज सेवा और गरीब बच्चों को पढ़ाने में लगाते थे। वे हमेशा कहते थे कि शिक्षा ही सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा कि पिता का निधन परिवार के साथ-साथ पूरे बिहपुर क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।
वहीं, उनके छोटे पुत्र आदित्य राज उर्फ डिस्को ने कहा कि उनके पिता उनके आदर्श और प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने हमेशा धन कमाने के बजाय इज्जत और शिक्षा हासिल करने की सीख दी। आज वे शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और संस्कार हमेशा परिवार के साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि परिवार उनके दिखाए शिक्षा और समाजसेवा के मार्ग पर आगे भी चलता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में परिवार की ओर से स्व. जनार्दन मिश्र के छोटे भाई अशोक कुमार मिश्र, भतीजे संतोष मिश्रा, दीपक कुमार मिश्र, प्रवीण कुमार मिश्र, डॉ. रूपेश कुमार मिश्र, डॉ. रोहित कुमार मिश्र और दीपू समेत सभी अतिथियों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।





