गोड्डा। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं की प्रगति का उप विकास आयुक्त विस्पुते श्रीकांत यशवंत ने रविवार को स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न प्रखंडों में संचालित चार प्रमुख पेयजल आपूर्ति योजनाओं की भौतिक प्रगति, निर्माण गुणवत्ता और हर घर नल से जल पहुंचाने की स्थिति का जायजा लिया।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत डीडीसी ने सुंदरपहाड़ी प्रखंड की घटियारी पंचायत, गोराडीह पंचायत अंतर्गत डमाकोल खास योजना, गोड्डा प्रखंड की निपनिया पंचायत अंतर्गत बारिस्तानर एसटी टोला रेट्रोफिटिंग योजना और महागामा प्रखंड की दियाजोरी पंचायत अंतर्गत लकड़ाहा संताल टोला योजना का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जलमीनार निर्माण, पाइपलाइन बिछाने, जलापूर्ति व्यवस्था, घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी), जल स्रोत सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं की स्थिति की जानकारी ली गई। डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं से योजनाओं की वर्तमान स्थिति, शेष कार्य, लाभुक परिवारों की संख्या और कार्य पूरा होने की समय-सीमा के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने अधिकारियों और संवेदकों को निर्देश दिया कि योजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के साथ पाइपलाइन, जलमीनार और घरेलू नल कनेक्शन समेत सभी कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने को कहा।
डीडीसी ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है। इसलिए योजनाओं के पूर्ण होने के बाद भी ग्रामीणों को निर्बाध जलापूर्ति मिलती रहे, इसके लिए आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की जाएं। तकनीकी समस्या या कार्य में विलंब होने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया गया।
जिला जल एवं स्वच्छता समिति की ओर से जल जीवन मिशन 2.0 की योजनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि जिले में ‘हर घर नल से जल’ के लक्ष्य को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा सके।





