गोड्डा। जिला कौशल समिति की बैठक उप विकास आयुक्त विस्पुते श्रीकांत यशवंत की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति, प्रशिक्षणार्थियों की स्थिति तथा प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ाव की समीक्षा की गई।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि युवाओं को उनकी रुचि, योग्यता और जिले में उपलब्ध रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। प्रशिक्षण केवल प्रमाण-पत्र तक सीमित न रहे, बल्कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए।
बैठक में प्रशिक्षण केंद्रों की गुणवत्ता, प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति, मूल्यांकन, आधारभूत सुविधाओं और प्रशिक्षकों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं, युवतियों और वंचित वर्ग के योग्य अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए प्रखंड स्तर पर जागरूकता और मोबिलाइजेशन गतिविधियां बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही स्थानीय उद्योगों और प्रतिष्ठानों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
स्वरोजगार की इच्छा रखने वाले युवाओं को सरकारी योजनाओं, ऋण और वित्तीय सहायता से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। उप विकास आयुक्त ने कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की नियमित ट्रैकिंग करने और उनके रोजगार व स्वरोजगार से जुड़ाव का अद्यतन डेटा तैयार रखने को कहा। उन्होंने योजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अलका हेंब्रम, जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिला टुडू, जिला नियोजन पदाधिकारी प्रशांत टुडू, यूएनडीपी मैनेजर प्रमोद सैनी समेत संबंधित विभागों के अधिकारी और प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।





