रांची/गिरिडीह, 6 सितंबर। झारखंड की राजनीति के लिए रविवार की सुबह बेहद दुखद खबर लेकर आई। झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुदिव्य कुमार सोनू का आकस्मिक निधन हो गया। शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें गिरिडीह स्थित मर्सी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनका निधन हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हृदयाघात को उनकी मौत का कारण बताया जा रहा है।
सुदिव्य कुमार सोनू झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं के रूप में उनकी पहचान थी। उन्होंने गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2019 में पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर वह सदन पहुंचे थे। इसके बाद वर्ष 2024 में भी उन्होंने गिरिडीह सीट से जीत दर्ज की। दूसरी बार विधायक चुने जाने के बाद उन्हें झारखंड सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
सोनू के पास राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। इनमें नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे विभाग शामिल थे। मंत्री के तौर पर वे अपने विभागीय कार्यों के साथ-साथ विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सक्रिय रहे थे।
उनके आकस्मिक निधन की खबर सामने आते ही झारखंड के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। झामुमो और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। पार्टी की ओर से उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए उनके संघर्ष, राजनीतिक योगदान और जनसेवा को याद किया गया।
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन से झारखंड ने एक सक्रिय जनप्रतिनिधि और राजनेता को खो दिया है। उनके असामयिक निधन से उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में भी शोक की लहर है। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत नेता को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार, समर्थकों एवं शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति दें।





