झारखंड में भाकपा माओवादी के सबजोनल कमांडर योगेन्द्र गंझू सहित चार नक्सली गिरफ्तार

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रांची ; सीसीएल कर्मी से एक करोड़ की लेवी मांगने वाले भाकपा माओवादी के सबजोनल कमांडर योगेन्द्र गंझू सहित चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस व माओवादियों के बीच मुठभेड़ की कई घटनाओं में शामिल था योगेंद्र गंझू : मृत पुलिसकर्मी के पेट में बम लगाने के लिए एक्सपर्ट को लेकर जंगल गया था वरीय संवाददाता, रांची सीसीएल कर्मी से एक करोड़ की लेवी मांगनेवाले भाकपा माओवादी के सब जोनल कमांडर योगेंद्र गंझू सहित चार नक्सलियों को रांची पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार नक्सलियों में सब जोनल कमांडर योगेंद्र गंझू, मुकेश गंझू, मनु गंझू और राजकुमार नाहक शामिल हैं. इनके पास से एक लोडेड देसी पिस्टल, तीन गोली, लेवी मांगने में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और सात पीस प्रतिबंधित संगठन का पर्चा बरामद पुलिस ने बरामद किया है. सभी लेवी वसूलने के लिए इकट्ठा हुए थे, उसी दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया. इस आशय की जानकारी डीआइजी सह एसएसपी चंदन सिन्हा ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी. बताया कि चारों आरोपी भाकपा माओवादी के कोयल शंख जोन क्षेत्र के में सक्रिय थे. क्या है मामला एसएसपी ने बताया कि 25 जून को सीसीएल के महाप्रबंधक कार्यालय में कार्यरत एक कर्मचारी से भाकपा माओवादी के कोयल शंख जोन कमेटी के सदस्य मनोज जी के नाम पर एक करोड़ की लेवी मांगी गयी थी. धमकी दी गयी थी कि यदि दो जुलाई तक राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो उसकी हत्या कर दी जायेगी. इसके बाद उक्त सीसीएल कर्मी ने खलारी थाने में मामला दर्ज कराया. मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. इसी दौरान 14 जुलाई की देर रात पुलिस को सूचना मिली कि भाकपा माओवादी के चार-पांच सक्रिय सदस्य मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र के बक्सी बंगला चट्टी नदी के पास व्यवसायी, ठेकेदार और ईंट भट्ठा मालिकों से लेवी वसूलने के लिए जमा हुए हैं. सूचना मिलते ही छापेमारी दल ने बक्सी बंगला चट्टी नदी के किनारे घेराबंदी कर ली. इस दौरान नक्सलियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन सशस्त्र बल की मदद से भाग रहे चार माओवादी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया. वर्ष 2006 में संगठन में हुआ शामिल एसएसपी ने बताया कि माओवादी योगेंद्र गंझू उर्फ पवन से पूछताछ करने पर पता चला कि वह वर्ष 2006 में भाकपा माओवादी उग्रवादी संगठन में शामिल हुआ था. उसके कार्य को देखते हुए उसे वर्ष 2006 के अंत में गारू सरजू क्षेत्र का एरिया कमांडर बना दिया गया, फिर उसे उसी क्षेत्र का वर्ष 2009 में सब-जोनल कमांडर बनाया गया. वर्ष 2006 में गारू (लातेहार) थाना में दर्ज एक केस के मामले में उसे जेल भेजा गया था. वर्ष 2008 में जेल से छूटा और पुनः संगठन में शामिल हो गया. वर्ष 2012 में रातू थाना क्षेत्र से उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. वर्ष 2022 में जेल से छूट गया, लेकिन पार्टी से दूरी बना लिया और अपने केस में कोर्ट में हाजिर होने जाता था. पैसे की कमी हो जाने तथा माओवादी के कोयल शंख क्षेत्र के जोनल कमांडर रवींद्र गंझू के निष्क्रिय हो जाने के कारण वह मुकेश गंझू, मन्नु गंझू एवं राजकुमार नाहक के साथ मिलकर इस क्षेत्र में पार्टी को खड़ा किया और क्षेत्र के ठेकेदारों, व्यवसायियों, क्रशर मालिकों तथा ईंट भट्ठा मालिकों को धमकी देकर लेवी मांगने का काम शुरू किया था. कई बार पुलिस के साथ मुठभेड़ में भी शामिल रहा .

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