कटिहार। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (निर्माण) के महाप्रबंधक आशीष बंसल ने नागालैंड के लिए महत्वपूर्ण 78.42 किलोमीटर लंबी डिमापुर-कोहिमा नई रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। 26 और 27 सितंबर को परियोजना स्थल के सघन निरीक्षण के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण पुलों, सुरंगों और निर्माणाधीन स्टेशनों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों से परियोजना की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि निरीक्षण का उद्देश्य बुनियादी ढांचा कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन करने के साथ निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना था। महाप्रबंधक ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना को निर्धारित समय में पूरा किया जा सके।
31.339 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा
कुल 78.42 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में अब तक 31.339 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है। परियोजना के तहत प्रस्तावित 30 बड़े पुलों में से 13 का निर्माण पूरा हो गया है, जबकि 150 छोटे पुलों में से 138 बनकर तैयार हैं। इसके अलावा 31 रोड अंडर ब्रिज (RUB) और 5 रोड ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण कार्य भी जारी है।
इस नई रेल लाइन पर धनसिरी, धनसिरीपार, मॉलवॉम, फेरिमा, पिफेमा, मेंगुज़ुमा, ज़ुब्ज़ा और कोहिमा स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना के पूरा होने के बाद नागालैंड के दूरदराज क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।
महाप्रबंधक आशीष बंसल ने 28 सितंबर को डिमापुर-गुवाहाटी रेलखंड का विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने लामडिंग-फरकाटिंग दोहरी लाइन परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। पूर्वोत्तर के दूरदराज क्षेत्रों को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में डिमापुर-कोहिमा रेल परियोजना को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना माना जा रहा है।





