कुरसेला (कटिहार): समेली प्रखंड के मुरादपुर पंचायत अंतर्गत डुमरिया गांव स्थित 318 वर्ष पुराने प्रसिद्ध विषहरी माता मंदिर में नाग पंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस अवसर पर मंदिर परिसर में एक दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया गया। कुरसेला के अलावा पूर्णिया, भागलपुर, मधेपुरा, सहरसा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और विषहरी माता की पूजा-अर्चना की।
दूध-लावा और झांप-पिटारा चढ़ाकर मांगी मन्नत
नाग पंचमी के अवसर पर महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने विषहरी माता को झांप-पिटारा, दूध, लावा और मिष्ठान चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। स्थानीय लोगों के अनुसार, मान्यता है कि सच्चे मन से विषहरी माता की पूजा करने से सर्पदंश का भय दूर होता है और मनोकामना पूर्ण होती है। मनोकामना पूरी होने पर कई श्रद्धालु परंपरा के अनुसार बकरे की बलि भी देते हैं।
सुरक्षा के किए गए पुख्ता इंतजाम
हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए। मंदिर समिति के रामोतार भगत, शंकर मंडल, माधो मंडल, कुंदन कुमार, अवकाश कुमार, दिलखुश कुमार, धर्मवीर शाह, ब्रह्मदेव मंडल, अमरेंद्र मंडल, ज्योतिष मंडल और सुनील साह सहित अन्य सदस्य व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।
दो दिन पहले से शुरू हो जाती है तैयारी
नाग पंचमी पूजा को लेकर श्रद्धालु दो दिन पहले से ही तैयारियों में जुट जाते हैं। घरों में पूजन सामग्री की व्यवस्था करने के साथ मंदिर में चढ़ावे के लिए आवश्यक सामान की खरीदारी की जाती है। मंदिर परिसर को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया। डुमरिया और आसपास के गांवों में पूरे दिन धार्मिक उत्साह और भक्तिमय माहौल बना रहा।
मेले में सजीं दुकानें, रात्रि जागरण का आयोजन
नाग पंचमी के अवसर पर मंदिर परिसर में भव्य मेला लगाया गया। मेला स्थल पर मिष्ठान, पूजा सामग्री, खिलौने सहित विभिन्न प्रकार की दुकानें सजाई गईं। श्रद्धालुओं और बच्चों के मनोरंजन के लिए भी कई तरह के साधन उपलब्ध रहे। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से पूरे क्षेत्र में दिनभर चहल-पहल बनी रही।
शाम के समय मंदिर परिसर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक रात्रि जागरण का भी आयोजन किया गया। रात्रि जागरण में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया और देर रात तक मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा।





