
पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ बिहार के राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने वाली कई बड़ी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई, जिनमें अधिकांश प्रस्तावों को सकारात्मक सहमति और मंजूरी मिली।
बैठक में NH-22 के मुजफ्फरपुर–सीतामढ़ी–सोनबरसा फोरलेन, NH-727A पर गंडक नदी पुल, तथा सरिस्ताबाद से दीदारगंज तक 6-लेन एलिवेटेड रोड जैसी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। इन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे बिहार के सड़क संपर्क और यातायात व्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (NE-9), वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे, बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे सहित कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को भी सकारात्मक संकेत मिला।
बैठक में मुजफ्फरपुर-बरौनी (NH-122), NH-139, राम जानकी मार्ग, NH-333, दरभंगा-सुपौल हाईवे तथा गंडक नदी पर नए एलिवेटेड पुल जैसी लंबित परियोजनाओं पर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया।
समीक्षा बैठक के दौरान विक्रमशिला सेतु से जहानवी चौक, अगवानी घाट होते हुए पटना तक गंगा के उत्तरी तट पर नई सड़क बनाने का महत्वाकांक्षी प्रस्ताव भी रखा गया, जिस पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सकारात्मक रुचि दिखाई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से बिहार में सड़क अवसंरचना को नई गति मिलेगी और सभी स्वीकृत परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

