राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कटिहार के तत्वावधान में “लिटीगेशन रूरल इंडिया-2026” के तहत कम्यूनिटी मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन शनिवार को किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायत स्तर पर उत्पन्न होने वाले छोटे-मोटे विवादों को आपसी समझ, संवाद एवं मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मध्यस्थ तैयार करना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कटिहार जिले की पांच पंचायतों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान प्रशिक्षित मध्यस्थ देव कुमार झा, रमेश प्रसाद जायसवाल एवं उज्ज्वल कुमार सिंह ने प्रतिभागियों को कम्यूनिटी मध्यस्थता की प्रक्रिया, उसकी उपयोगिता तथा विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कमलेश सिंह देबू ने कम्यूनिटी मध्यस्थता की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं समुदाय स्तर पर आपसी संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान होने से पक्षकारों का समय और धन दोनों बचता है। साथ ही, लंबे समय तक चलने वाले मुकदमों से भी लोगों को राहत मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि मध्यस्थता का उद्देश्य किसी एक पक्ष की जीत या हार नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की सहमति से सौहार्दपूर्ण एवं टिकाऊ समाधान तलाशना है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि समुदाय स्तर पर प्रभावी मध्यस्थता के माध्यम से छोटे विवादों को न्यायालय तक पहुंचने से पहले ही सुलझाने में मदद मिल सकती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत राज कार्यालय के कर्मी किशोर हंसदा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मियों के साथ-साथ पारा विधिक स्वयंसेवक पवन कुमार, अभिषेक कुमार एवं रवि कुमार की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को कम्यूनिटी मध्यस्थता की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई और उन्हें विवादों के शांतिपूर्ण एवं आपसी सहमति से समाधान के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया।





