पाकुड़िया प्रखंड की बनियापसार पंचायत के सिलीबोना गांव में किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा), पाकुड़ के तत्वावधान में एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (कृषिन्नोति) योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में चलंत प्रशिक्षण बस के माध्यम से किसानों को कृषि एवं संबद्ध विषयों पर ऑडियो-वीडियो के जरिए विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक तरीके से फसल उत्पादन, उन्नत कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, संतुलित उर्वरक के इस्तेमाल, गुणवत्तापूर्ण बीज के चयन, सिंचाई और जल प्रबंधन के साथ आत्मा एवं कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई।
प्रशिक्षण के बाद कृषि विशेषज्ञों ने किसानों के खेतों का प्रक्षेत्र भ्रमण किया और फसलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार तकनीकी सलाह दी गई। विशेषज्ञों ने फसलों में कीट एवं रोग के लक्षणों की पहचान, पोषक तत्व प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, सिंचाई और समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन के उपायों के बारे में बताया। किसानों को सलाह दी गई कि फसल में किसी तरह की समस्या दिखाई देने पर बिना सही पहचान के कीटनाशी या रोगनाशी का इस्तेमाल न करें। पहले कीट या रोग के कारण और लक्षण की पहचान कर कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार अनुशंसित मात्रा में ही कृषि रक्षा रसायनों का प्रयोग करें। इससे अनावश्यक रसायनों के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान को कम करने के साथ फसल की बेहतर सुरक्षा की जा सकती है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपनी फसलों से जुड़ी समस्याएं भी विशेषज्ञों के सामने रखीं। खेतों में स्थल निरीक्षण कर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक सुझाव दिए गए और फसल प्रबंधन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण में करीब 60 किसान शामिल हुए। मौके पर आत्मा पाकुड़िया के सहायक तकनीकी प्रबंधक ओनल मरांडी, प्रशिक्षक रामरतन कुमार, कृषक मित्र एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।




