पाकुड़िया: विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम-जी) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पाकुड़िया प्रखंड सभागार में प्रखंड स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों को मिशन की कार्यप्रणाली, दायित्वों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड प्रमुख कालिदास सोरेन, प्रखंड विकास पदाधिकारी सोम नाथ बनर्जी एवं बीस सूत्री अध्यक्ष मोतीलाल हांसदा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद प्रशिक्षण के दौरान मिशन के उद्देश्य, कार्यप्रणाली और पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।
रोजगार सृजन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
प्रशिक्षण में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन तथा स्थानीय स्तर पर संचालित होने वाले विभिन्न कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी गई। संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को बताया गया कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित किया जा सकता है, जब उनका क्रियान्वयन निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से किया जाए।
अधिकारियों ने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही आवश्यक है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों से योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने और ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करने की अपील की।
मुखिया और मेट को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
प्रशिक्षण के दौरान मुखिया एवं मेट सहित संबंधित कर्मियों को उनके दायित्वों और कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यों की निगरानी, अभिलेखों के संधारण तथा योजनाओं को धरातल पर बेहतर तरीके से लागू करने से जुड़े आवश्यक बिंदुओं पर भी प्रशिक्षण दिया गया।
प्रतिभागियों को बताया गया कि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के साथ कार्यों की नियमित निगरानी भी जरूरी है।
स्थानीय जरूरत के अनुसार योजनाओं के चयन पर जोर
वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उनकी आजीविका को मजबूत करना इस मिशन का प्रमुख उद्देश्य है। इसके लिए योजनाओं का सही चयन, समय पर कार्य शुरू करना और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का चयन और उनका प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ग्रामीणों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का संकल्प
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने मिशन से जुड़े प्रावधानों और कार्यप्रणाली को समझते हुए ग्रामीणों तक इसकी जानकारी पहुंचाने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने कहा कि ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने और पात्र परिवारों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए पंचायत स्तर पर सक्रियता के साथ कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम में सहायक अभियंता रोहित गुप्ता, कनीय अभियंता लालू रविदास सहित प्रखंड के संबंधित पदाधिकारी, कर्मी, पंचायत प्रतिनिधि, मुखिया एवं मेट मौजूद रहे। प्रशिक्षण के माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।




