पाकुड़: दो साल पहले कराया था 3 लाख का LIC बीमा, असमय मौत के बाद पत्नी को मिला 3.66 लाख का मृत्यु दावा

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जीवन में कब कौन-सी परिस्थिति सामने आ जाए, इसका अनुमान कोई नहीं लगा सकता। ऐसे समय में पहले से किया गया वित्तीय प्रबंधन परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है। पाकुड़ में सामने आया एक मामला इसी का उदाहरण है।

करीब दो वर्ष पूर्व विकास घोष ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की पाकुड़ शाखा से 3 लाख रुपये का जीवन बीमा कराया था। यह पॉलिसी अभिकर्ता सुभाष कुमार मंडल (अभिकर्ता संख्या- 0255551E) के माध्यम से ली गई थी।

बीमा कराने के लगभग दो वर्ष बाद विकास घोष की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बेहतर इलाज के लिए उन्हें रामपुरहाट सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

विकास घोष अपने पीछे 28 वर्षीय पत्नी और पांच वर्ष तथा तीन वर्ष की आयु के दो मासूम बच्चों को छोड़ गए। वह छोटे स्तर पर रोजगार कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार की आय सीमित होने के कारण उनके निधन के बाद आर्थिक संकट गहरा गया।

हालांकि, जीवन बीमा कराने का उनका फैसला परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आया। अभिकर्ता सुभाष कुमार मंडल ने आवश्यक दस्तावेज एकत्र कर भारतीय जीवन बीमा निगम की पाकुड़ शाखा में मृत्यु दावा प्रस्तुत किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग तीन माह के भीतर विकास घोष की पत्नी को 3.66 लाख रुपये की मृत्यु दावा राशि उपलब्ध करा दी गई।

यह आर्थिक सहायता ऐसे समय में परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में सहारा बनी। स्थानीय स्तर पर अभिकर्ता सुभाष कुमार मंडल की सक्रियता और समयबद्ध प्रयासों की भी सराहना की जा रही है।

यह मामला इस बात की मिसाल है कि जीवन बीमा केवल एक निवेश नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। कठिन परिस्थितियों में यह परिवार को वित्तीय संबल प्रदान कर सकता है।

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Author: kelanchaltimes

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