बसंतराय। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गोड्डा जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष याह्या सिद्दीकी ने दावा किया है कि भाजपा से जुड़े बूथ लेवल एजेंटों द्वारा कथित तौर पर फर्जी SIR फॉर्म और फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर अल्पसंख्यक समाज के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
याह्या सिद्दीकी ने दावा किया कि जिले के कुछ इलाकों में बूथ स्तर पर कथित गड़बड़ी सामने आई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया जाता है तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि उसके लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ा गंभीर विषय है। कांग्रेस ने प्रशासन और निर्वाचन विभाग से ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के अनुसार, निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से किसी नाम को हटाने के लिए दावा या आपत्ति की प्रक्रिया पूरी करनी होती है और इसके लिए निर्धारित प्रपत्र का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों को दरकिनार कर राजनीतिक उद्देश्य से कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर और फॉर्म के जरिए कुछ मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि संबंधित मतदाताओं और उनके परिवार के सदस्यों को जानकारी मिलने के बाद कथित मामलों की गंभीरता सामने आई। याह्या सिद्दीकी ने यह भी आरोप लगाया कि एक पूर्व विधायक के कथित इशारे पर पार्टी से जुड़े बीएलए राजनीतिक उद्देश्य से मतदाता सूची में बदलाव कराने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आशंका जताई कि यदि इस तरह की गतिविधियां कहीं हो रही हैं तो यह केवल गोड्डा जिले तक सीमित नहीं हो सकती हैं। उन्होंने राज्य के अन्य जिलों के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में SIR के दौरान प्राप्त आवेदनों और आपत्तियों की जांच कराने की मांग की। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई मतदाता निर्वाचन प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी से पूरी तरह परिचित नहीं होते, ऐसे में प्रशासन को बूथ स्तर पर पारदर्शी सत्यापन व्यवस्था को और मजबूत करना चाहिए।





