बच्चों के फूड पॉइजनिंग से बीमार होने और बाजार में एक्सपायरी खाद्य सामग्री की बिक्री की शिकायतों के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुमंडल पदाधिकारी बैद्यनाथ उरांव के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी वैशाली कुमारी ने शुक्रवार को बसंतराय बाजार में व्यापक जांच अभियान चलाया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने किराना, बिस्कुट, चॉकलेट, नमकीन, कोल्ड ड्रिंक, मिठाई सहित खाद्य सामग्री बेचने वाली कई दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी तिथि, पैकेजिंग, भंडारण व्यवस्था, स्वच्छता और गुणवत्ता की बारीकी से पड़ताल की गई।
निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि एक्सपायरी अथवा खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री किसी भी परिस्थिति में न करें। साथ ही उन्हें खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए दुकानों में साफ-सफाई बनाए रखने और निर्धारित मानकों का पालन करने की हिदायत दी गई।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी वैशाली कुमारी ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसी दुकान में एक्सपायरी, मिलावटी या मानक के विपरीत खाद्य सामग्री की बिक्री पाई गई तो संबंधित दुकानदार के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बसंतराय सहित पूरे अनुमंडल क्षेत्र में यह जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही आम लोगों से अपील की कि खाद्य सामग्री खरीदने से पहले उसकी निर्माण और एक्सपायरी तिथि अवश्य जांचें। यदि कहीं भी संदिग्ध या एक्सपायरी खाद्य सामग्री की बिक्री होती दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन या खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि नियमित जांच अभियान से बाजार में एक्सपायरी और घटिया खाद्य सामग्री की बिक्री पर प्रभावी रोक लगेगी। वहीं क्षेत्र के लोगों ने विद्यालयों के आसपास स्थित दुकानों और ग्रामीण बाजारों में भी नियमित निरीक्षण अभियान चलाने की मांग की, ताकि बच्चों और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।




