पटना ; बिहार की सियासत में जातीय समीकरण के बाद आधी आवादी निर्णायक भूमिका निभायेगी । पिछले तीन विधानसभा चुनावों में महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान किया है। 2020 में जहां 59.69% महिलाओं ने वोट डाला, वहीं पुरुषों का प्रतिशत 54.45% रहा। 2015 में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 60.48 और 2010 में 54.49% दर्ज हुआ था।
एनडीए सरकार अपनी महिला केंद्रित योजनाओं से ग्रामीण महिलाओं, विशेषकर अति पिछड़ा वर्ग (EBC) और दलित समुदायों में मजबूत पकड़ बनाए हुए है। दूसरी ओर, महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में रोजगार और सामाजिक न्याय के वादों से युवा और शहरी महिलाओं को आकर्षित करने की कोशिश में है।
राज्य के 7.43 करोड़ मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 47% से अधिक है, ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार का चुनावी नतीजा महिला मतदाताओं के रुझान पर निर्भर करेगा।

एसआईआर अभियान को लेकर कांग्रेस सक्रिय, बूथ स्तर पर मतदाता सत्यापन और मैपिंग तेज करने निर्देश
साहिबगंज जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक में एसआईआर कार्यक्रम की समीक्षा की गई। जिला अध्यक्ष बरकतुल्लाह खान ने कार्यकर्ताओं को बीएलए के साथ समन्वय




