मिर्जाचौकी चेकनाका के पास भटककर रो रहे 12 वर्षीय बालक को स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षित पुलिस के सुपुर्द किया। पूछताछ में बालक ने अपना नाम नंदकिशोर मंडल बताया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए परिजनों से संपर्क स्थापित किया और आवश्यक सत्यापन के बाद बालक को उसकी मां के हवाले कर दिया। बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस व ग्रामीणों का आभार जताया।
भटके हुए बालक को मिर्जाचौकी पुलिस ने परिजनों से मिलाया, मां ने जताया आभार
चेकनाका के पास रोता मिला 12 वर्षीय बालक
मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र अंतर्गत मिर्जाचौकी चेकनाका के समीप बुधवार को एक 12 वर्षीय बालक भटककर पहुंच गया। परिजनों से बिछड़ जाने के कारण वह काफी घबराया हुआ था और रो रहा था। आसपास मौजूद स्थानीय ग्रामीणों की नजर जब बालक पर पड़ी तो उन्होंने उससे बातचीत कर स्थिति को समझने का प्रयास किया। बच्चे की सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीणों ने उसे अपने पास रखने के बजाय तुरंत मिर्जाचौकी थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
ग्रामीणों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
स्थानीय लोगों की सतर्कता और संवेदनशीलता के कारण बालक सुरक्षित पुलिस तक पहुंच सका। ग्रामीणों का मानना था कि अकेले भटक रहे बच्चे को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में उन्होंने जिम्मेदारी दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी और बच्चे को सुरक्षित थाने पहुंचाने में सहयोग किया। इस मानवीय पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
पूछताछ में बालक ने बताई अपनी पहचान
थाने में पुलिस ने बालक से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान बालक ने अपना नाम नंदकिशोर मंडल तथा अपने पिता का नाम पप्पू मंडल बताया। उसने पुलिस को जानकारी दी कि वह अपने मामा के घर आया हुआ था। किसी कारणवश रास्ता भटक जाने के चलते वह मिर्जाचौकी चेकनाका तक पहुंच गया और अपने परिजनों से संपर्क नहीं कर पा रहा था। परिजनों से बिछड़ने के कारण वह भयभीत और परेशान था।
पुलिस ने दिखाई तत्परता
बालक से मिली जानकारी के आधार पर मिर्जाचौकी थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। बच्चे द्वारा उपलब्ध कराए गए दूरभाष नंबर की सहायता से पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण कम समय में ही बच्चे के परिवार तक सूचना पहुंच गई। इस दौरान पुलिस ने बालक को सुरक्षित वातावरण में रखा और उसकी पूरी देखभाल की।
सूचना मिलते ही थाना पहुंचीं मां
बच्चे के संबंध में सूचना मिलने के बाद उसकी मां आशा देवी तत्काल मिर्जाचौकी थाना पहुंचीं। अपने बेटे को सुरक्षित देखकर उनकी आंखों में राहत और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। पुलिस ने आवश्यक सत्यापन और पहचान प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मां अपने बेटे को लेकर घर रवाना हुईं।
मां ने पुलिस और ग्रामीणों का जताया आभार
अपने बच्चे को सकुशल वापस पाकर आशा देवी ने राहत की सांस ली। उन्होंने मिर्जाचौकी थाना पुलिस की तत्परता और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि ग्रामीण और पुलिस समय पर मदद नहीं करते तो बच्चे को ढूंढ़ने में काफी परेशानी हो सकती थी। उन्होंने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
मानवता और जिम्मेदारी की मिसाल बनी घटना
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि समाज और पुलिस के संयुक्त प्रयास से किसी भी संकट का समाधान आसानी से किया जा सकता है। ग्रामीणों की सजगता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने एक बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्षेत्र के लोगों ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए इसे मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल बताया है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के साथ यात्रा करते समय अभिभावकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। साथ ही बच्चों को अपने घर का पता और परिवार के किसी सदस्य का मोबाइल नंबर याद करवाना चाहिए। ऐसी जानकारी आपात स्थिति में बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने में काफी मददगार साबित होती है। मिर्जाचौकी की यह घटना भी इसी बात का उदाहरण है कि समय पर मिली जानकारी और सहयोग किसी बड़ी परेशानी को टाल सकता है।





