भागलपुर। विश्वविद्यालय गांधी विचार विभाग की ओर से आयोजित त्रिदिवसीय गांधी जयंती उत्सव के अवसर पर परिधि द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गीत, भजन और नाटक की प्रस्तुतियों के माध्यम से गांधी विचारों के साथ-साथ सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों को सामने रखा गया।
कार्यक्रम के पहले खंड में विनय भारती के निर्देशन में तुकड़ोजी महाराज रचित भजन ‘हर देश में तू, हर वेश में तू’ की प्रस्तुति हुई। इसके अलावा कबीर की रचनाओं ‘मोर हीरा हराय गयो कचरे में’ और ‘भला हुई मेरी मटकी फूटी’ के साथ संगीता रचित गीत ‘धारा गगन में हो खुशी’ तथा नरसिंह मेहता रचित भजन ‘वैष्णव जन तो’ प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दूसरे खंड में उदय एवं ललन रचित और उदय निर्देशित नाटक ‘एक था राजा एक थी रानी’ का मंचन किया गया। नाटक में राजा की भूमिका राहुल, बाबा की भूमिका ललन, रानी की भूमिका सुषमा और मंत्री की भूमिका मो. मेंहदी ने निभाई। नाटक के माध्यम से उपभोक्तावाद, वर्तमान विकास, नदी और पर्यावरण जैसे विषयों को प्रस्तुत किया गया।
सहगायन और नाटक में प्रॉप के रूप में मृदुला सिंह, कृतिका मंजरी, विशाल, आदित्य, प्रेरणा, रागिनी, जाह्नवी, स्मिता, तमन्ना राठौर और लक्ष्मी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तबले पर रितेश ने संगत की। पूरे कार्यक्रम का संचालन संगीता ने किया।





