महेशपुर प्रखंड कार्यालय में “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” अभियान के तहत माहवारी स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बीडीओ डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माहवारी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना और किशोरियों व महिलाओं को स्वच्छता के प्रति शिक्षित करना है। कार्यक्रम में सभी ने सामाजिक संकोच त्यागकर इस विषय पर खुलकर चर्चा करने और जागरूक समाज के निर्माण की शपथ ली।

स्वस्थ महिला, सशक्त समाज: महेशपुर में शुरू हुआ स्वच्छता अभियान
महेशपुर प्रखंड कार्यालय के सभागार में शनिवार को माहवारी स्वच्छता जागरूकता अभियान-2026 की शुरुआत हुई। “चुप्पी तोड़ो, स्वस्थ रहो” के संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव ने की। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं, किशोरियों और स्वास्थ्य कर्मियों को माहवारी के दौरान स्वच्छता बरतने और इसे लेकर समाज में फैली गलत धारणाओं को खत्म करने का संकल्प दिलाया गया।
स्वाभाविक प्रक्रिया पर संवाद की आवश्यकता
बीडीओ डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि माहवारी महिलाओं के जीवन की एक पूरी तरह से स्वाभाविक और प्राकृतिक प्रक्रिया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज के आधुनिक दौर में भी इसे लेकर समाज में व्याप्त संकोच और भ्रांतियां चिंता का विषय हैं। इसे दूर करने के लिए खुले संवाद और सही जानकारी ही एकमात्र उपाय है। डॉ. यादव ने कहा कि एक स्वस्थ महिला ही सशक्त परिवार और बेहतर समाज की नींव रखती है।
घर-घर तक पहुंचेगा जागरूकता का संदेश
अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि इसका मुख्य लक्ष्य किशोरियों में आत्मविश्वास जगाना और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी मुहैया कराना है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे इस संदेश को केवल कार्यक्रम स्थल तक सीमित न रखें, बल्कि अपने घरों, विद्यालयों और गांवों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। ताकि हर महिला सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सके।
व्यावहारिक जानकारी और सामूहिक भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान माहवारी के दौरान स्वच्छता, उचित पोषण, व्यक्तिगत स्वास्थ्य और स्वच्छ जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित महिलाओं और किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी छोटी-बड़ी समस्याओं के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहिया और विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यह भागीदारी क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव की शुरुआत का संकेत है।




