गोड्डा: श्री दादी श्याम मंदिर के प्रांगण में आयोजित साप्ताहिक श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय दिवस भक्तिमय वातावरण में कथा का आयोजन हुआ। कथा वाचक गोविंद शरण जी महाराज ने श्रद्धालुओं को राधा-कृष्ण के दिव्य स्वरूप का वर्णन करते हुए कहा कि राधा जी कृष्ण की आत्मा हैं और राधा-कृष्ण में किसी प्रकार का भेद नहीं है। राधा ही कृष्ण हैं और कृष्ण ही राधा हैं।
महाराज जी ने कहा कि दोनों में किसी प्रकार की भिन्नता नहीं समझनी चाहिए। ब्रह्म की जो शक्ति है, वही श्री जी हैं। शक्ति और शक्तिमान को अलग नहीं किया जा सकता। इसलिए राधा और कृष्ण एक ही तत्व के दो स्वरूप हैं।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को राधा-कृष्ण के इस दिव्य स्वरूप को समझते हुए अपने जीवन में प्रेम, भक्ति, श्रद्धा और समर्पण का भाव रखना चाहिए। उन्होंने परमात्मा और जीव के संबंध को समझाते हुए कहा कि “परमात्मा की आत्मा की प्रकृति हम हैं।” मनुष्य का जीवन तभी सार्थक है, जब वह परमात्मा से अपने संबंध को समझकर भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़े।
जजमान के रूप में प्रितम एवं श्वेता गाडिया ने किया पूजन
कथा के द्वितीय दिवस जजमान के रूप में प्रितम गाडिया एवं श्वेता गाडिया ने सर्वप्रथम विधि-विधान से पूजन किया। इसके पश्चात कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही।
खाटू श्याम बाबा का भव्य श्रृंगार बना आकर्षण
कथा के अवसर पर खाटू श्याम बाबा का भव्य एवं मनमोहक श्रृंगार किया गया। फूलों एवं आकर्षक सजावट से सजे बाबा के दरबार की छटा देखते ही बन रही थी। बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। दर्शन के दौरान मंदिर परिसर बाबा के जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर श्री दादी श्याम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण टेकरीवाल, सचिव मुकेश गाडिया, पवन टेकरीवाल, पियूष खेमानी, दीपक बजाज, अंकित गाडिया, सरिता टेकरीवाल, कुसुम टेकरीवाल, संगम भगत, कंचन गाडिया, सुधा अग्रवाल सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में भाव-विभोर नजर आए। राधा-कृष्ण एवं बाबा श्याम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।





