यात्रियों को स्टेशनों पर पैक्ड पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने अहम फैसला लिया है। अब ‘रेल नीर’ उपलब्ध नहीं होने या इसकी कमी होने की स्थिति में स्टैटिक कैटरिंग यूनिटों से अन्य स्वीकृत कंपनियों के पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर की बिक्री की जा सकेगी। इसके लिए 12 से अधिक ब्रांडों को दो वर्ष की अवधि के लिए मंजूरी दी गई है।
रेलवे प्रशासन ने पैक्ड पानी की अधिकतम बिक्री दर भी निर्धारित कर दी है। इसके तहत एक लीटर की बोतल अधिकतम 14 रुपये और 500 एमएल की बोतल अधिकतम 9 रुपये में यात्रियों को उपलब्ध कराई जाएगी।
यह व्यवस्था कटिहार समेत अलीपुरद्वार, रंगिया, लामडिंग और तिनसुकिया रेल मंडलों में लागू होगी। इसका उद्देश्य रेल नीर की कमी के दौरान यात्रियों को पैक्ड पेयजल आसानी से उपलब्ध कराना है।
ड्रॉप्स और बिसलेरी की बिक्री पर रोक
रेलवे प्रशासन ने ‘ड्रॉप्स’ ब्रांड और बिसलेरी के पैक्ड पानी की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। रेलवे की ओर से स्वीकृत अन्य ब्रांडों का ही पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर स्टैटिक कैटरिंग यूनिटों के माध्यम से बेचा जा सकेगा।
रेलवे का यह कदम यात्रियों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने और ‘रेल नीर’ की कमी के दौरान पानी की समस्या को दूर करने की दिशा में उठाया गया है।
अधिक कीमत वसूलने पर होगी कार्रवाई
इस संबंध में कटिहार रेल मंडल के पीआरओ अनूप कुमार सिंह ने बताया कि यदि स्टेशन पर अथवा रेल क्षेत्र में कोई व्यक्ति निर्धारित दर से अधिक कीमत पर पैक्ड पानी बेचता या वसूलता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध रेल प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि पैक्ड पानी खरीदते समय निर्धारित अधिकतम बिक्री दर की जांच करें और अधिक कीमत वसूले जाने की स्थिति में संबंधित रेल अधिकारियों को इसकी सूचना दें।





