लिट्टीपाड़ा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सर्व सेवा समिति संस्था की ओर से लिट्टीपाड़ा प्रखंड के 16 गांवों के करीब 300 पीवीटीजी यानी विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह समुदाय के लोगों की सहभागिता से जागरूकता एवं अधिकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में आदिवासी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों, सरकारी योजनाओं तथा जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों एवं उनके संरक्षण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के माध्यम से समुदाय के लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और विकास की मुख्यधारा में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लिट्टीपाड़ा के मुखिया शिव टुडू, कुंजबोना पंचायत के मुखिया रामा पहाड़िया तथा पंचायत समिति के सदस्य मौजूद रहे। इस अवसर पर अतिथियों ने अपने अनुभव साझा किए और आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उपस्थित लोगों के साथ चर्चा की। विशेष रूप से जल, जंगल और जमीन से जुड़े विषयों पर समुदाय के लोगों ने अपनी बातें रखीं और इनके संरक्षण एवं अधिकारों को लेकर जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आदिवासी समुदाय को उनके संवैधानिक अधिकारों, सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं तथा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण एवं अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा का संरक्षण प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा से गहराई से जुड़ा हुआ है। इसलिए समुदाय की संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में भी आदिवासी समाज की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर सामाजिक एकता को मजबूत करना होगा। विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। अतिथियों ने आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक एकता और क्षेत्र के विकास में सक्रिय भागीदारी का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता के माध्यम से ही समुदाय अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझ सकता है और सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ उठा सकता है।
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन में पीवीटीजी समुदाय की महिलाओं और ग्रामीणों की भी सक्रिय सहभागिता रही। मौके पर संस्था के सभी सदस्य, पीवीटीजी दीदी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।




