सहरसा: शहर के गांधी पथ स्थित संतमत सत्संग मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भव्य सत्संग में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपने गुरुजनों के श्रीचरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित किए तथा आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त किया।
सत्संग को संबोधित करते हुए स्वामी महेशानंद जी महाराज ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति का अत्यंत पावन और प्रेरणादायी पर्व है। यह महर्षि वेदव्यास की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है और गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का सर्वोत्तम अवसर है। उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा भी प्रदान करते हैं। गुरु अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर आत्मज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और व्यक्ति को सत्य, सेवा, सदाचार, अनुशासन तथा आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग पर अग्रसर करते हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु के उपदेशों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने तथा प्रेम, सद्भाव, सेवा, करुणा और मानवता के मूल्यों को समाज में स्थापित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। स्वामी महेशानंद जी महाराज ने कहा कि गुरु के प्रति सच्ची श्रद्धा तभी सार्थक होती है, जब उनके बताए मार्ग पर आचरण किया जाए।
कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के बीच विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। गुरु पूर्णिमा महोत्सव ने श्रद्धालुओं के मन में गुरु के प्रति आस्था, समर्पण और सेवा-भाव को और अधिक मजबूत किया।





