
महेशपुर। महेशपुर-पाकुड़िया मुख्य मार्ग पर 22 जून की शाम दुमकाडंगाल गांव के समीप हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक और परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में गंभीर रूप से घायल देवीनगर निवासी 20 वर्षीय नयन सिंह ने छह दिनों तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद रविवार को कोलकाता के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। नयन की मौत की खबर गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
नयन सिंह, निक्कू सिंह का पुत्र था। सड़क दुर्घटना के बाद उसे तत्काल इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए पश्चिम बंगाल रेफर कर दिया था। परिजनों को उसके स्वस्थ होकर घर लौटने की उम्मीद थी, लेकिन तमाम चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद नयन जिंदगी की जंग हार गया।
गौरतलब है कि 22 जून को हुए इसी सड़क हादसे में स्कूटी सवार एक अन्य युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि नयन गंभीर रूप से घायल हो गया था। अब नयन की मौत के बाद इस हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।
रविवार को जैसे ही नयन की मौत की सूचना देवीनगर गांव पहुंची, पूरे गांव में मातम पसर गया। जिस घर में बेटे के स्वस्थ होकर लौटने की उम्मीद थी, वहां उसकी मौत की खबर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और घर में कोहराम मचा हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि नयन सिंह मिलनसार, व्यवहार कुशल और सभी का प्रिय युवक था। उसकी असमय मौत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव के लोग बड़ी संख्या में शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं।
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों को उजागर कर दिया है। एक ही दुर्घटना में दो युवाओं की मौत से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। देवीनगर गांव में लगातार दूसरी चिता जलने से पूरे इलाके में गम और सन्नाटा पसरा हुआ है।

