तालझारी प्रखंड के बड़ा दुर्गापुर में 100 दिन टीबी मुक्त अभियान के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 45 लोगों की स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग की गई, जबकि टीबी के लक्षण वाले 16 संदिग्ध मरीजों का एक्स-रे कराया गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, बचाव और मुफ्त इलाज की जानकारी दी। विभाग ने आगामी शिविर में अधिकाधिक लोगों से भागीदारी की अपील की।
बड़ा दुर्गापुर में टीबी मुक्त भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
तालझारी: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘100 दिन टीबी मुक्त अभियान’ के तहत गुरुवार को बड़ा दुर्गापुर क्षेत्र में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी (क्षय रोग) के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित मरीजों की पहचान करना तथा समय पर उपचार उपलब्ध कराना था। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को ग्रामीणों का अच्छा सहयोग मिला और बड़ी संख्या में लोग जांच के लिए शिविर पहुंचे।
45 लोगों की हुई स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग
शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कुल 45 लोगों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग की। जांच के दौरान लोगों से उनके स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों की जानकारी ली गई तथा टीबी से जुड़े संभावित संकेतों की पहचान की गई।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि टीबी एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है। समय पर पहचान और नियमित उपचार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जांच शिविर लगाए जा रहे हैं।
16 संदिग्ध मरीजों का कराया गया एक्स-रे
स्वास्थ्य जांच के दौरान कुछ लोगों में टीबी से संबंधित संभावित लक्षण पाए गए। ऐसे 16 संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच के लिए एक्स-रे कराया गया। एक्स-रे रिपोर्ट और अन्य चिकित्सकीय परीक्षणों के आधार पर आगे की उपचार प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीबी की शुरुआती पहचान होने पर बीमारी को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराना जरूरी है।
ग्रामीणों को दी गई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सलाह
शिविर के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने उपस्थित ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी रहती है, वजन तेजी से घट रहा है, भूख कम लग रही है या रात के समय बुखार और पसीना आता है, तो यह टीबी के लक्षण हो सकते हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों से अपील की कि ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और न ही बीमारी को छिपाने का प्रयास करें। समय पर जांच और उपचार से बीमारी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को बताया कि सरकार द्वारा टीबी के मरीजों के लिए मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। मरीजों को दवाइयों से लेकर उपचार की पूरी प्रक्रिया तक आवश्यक सहायता प्रदान की जाती है।
अधिकारियों ने कहा कि समाज में आज भी टीबी को लेकर कई भ्रांतियां मौजूद हैं। इन्हें दूर करना और लोगों को सही जानकारी देना अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
स्वास्थ्य टीम की रही सक्रिय भूमिका
शिविर को सफल बनाने में चिकित्सा विशेषज्ञों और स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान डॉ. राहुल कुमार, कुणाल हांसदाक (वरीय यक्ष्मा पर्यवेक्षक), विजय हेम्ब्रम सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर जांच, परामर्श और जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया।
अगला शिविर हिसीगंज में आयोजित होगा
स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी कि 100 दिन टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत यह जागरूकता और जांच कार्यक्रम लगातार जारी रहेगा। अभियान की अगली कड़ी में 5 जून को हिसीगंज में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा।
विभाग ने हिसीगंज और आसपास के क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य जांच कराएं और टीबी मुक्त समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं। अधिकारियों ने कहा कि जनसहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को सफल बनाया जा सकता है।





